
Rajasthan News: अक्सर लोग खेत और सब्जियों की बाड़ी में जाते हैं तो वहां उगे फल और सब्जी तोड़कर उन्हें खाने का भी प्रयास करते हैं, लेकिन बिना पानी से धोए फल-सब्जी खाना बेदह मंहगा साबित हो सकता है. ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला श्रीगांगानगर जिले से निकलकर सामने आया है. जहां एक 14 साल की बच्ची की मौत हो गई. 14 वर्षीय स्नेहा साधुवाली गांव के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 8वीं में पढ़ती थी. जिसने अनजाने में एक पत्ता तोड़कर खा लिया जो उसके लिए काल बन गया.
क्या था पूरा मामला
स्नेहा रोजाना की तरह 18 दिसंबर को भी वह स्कूल जाने के लिए सुबह जल्दी तैयार हो गई, हालांकि स्कूल का समय 10 बजे था. इससे पहले वह अपने घर के ही सामने स्थित खेत में पहुंच गई. जहां घूमते टहलते उसे न जाने क्या सुझा कि उसने वहां लगी एक पत्ता गोभी का पत्ता तोड़कर खा लिया. थोड़ी देर टहलने के बाद बालिका का जब जी मिचलाने लगा तो वह घर पर आ गई और अपनी तबीयत खराब होने की परिजनों को बात बताई.
परिजनों ने जब पूरी बात पूछी तो वे माजरा समझ गए और तुरंत उसे लेकर श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया. जहां करीब एक सप्ताह तक चले इलाज के दौरान 24 दिसंबर की शाम को दम तोड़ दिया.
पत्तागोभी पर हुआ था कीटनाशक का छिड़काव
इस बालिका के ताऊ मांगीलाल ने 18 दिसंबर की सुबह ही खेत में उगाई गई पत्ता गोभियों पर कीटनाशक का स्प्रे किया था. इसी कीटनाशी स्प्रे से सने पत्ते को बच्ची ने तोड़कर निगल लिया और जहर के असर से उसकी जान चली गई. पुलिस के मुताबिक इसे लेकर बच्ची के पिता अश्विनी कुमार ने 25 दिसंबर को जब मर्ग दर्ज करवाई, तब मामले का खुलासा हुआ.
सब्जियां बेचकर परिवार चलाते थे परिजन
गांव 3 वाई के सरपंच प्रमोद ने बताया कि बालिका स्नेहा का परिवार शुरू से ही खेती और किसानी करता है. लोगों ने खेत में पत्ता गोभी सहित पालक और अन्य सब्जियां उगा रखी है. इन्हीं की बिक्री से परिवार का जीवन बसर होता है. हालांकि फसलों में स्प्रे करना एक सामान्य बात है.
घटना से पहले भी उसके ताऊ ने पत्ता गोभियों पर कीटनाशक का स्प्रे किया था. सरपंच ने बताया कि स्नेहा का एक भाई है और ताऊ का भी एक लड़का है, ऐसे में वह 2 भाइयों की इकलौती बहन थी.