विज्ञापन
This Article is From Feb 25, 2024

ब्रेन डेड हुए व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान कर पेश की मानवता की मिशाल

राजस्थान के झालावाड़ में एक मृतक व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान किया. अब इस अंग से 3 लोगों को जीवनदान मिलेगा. मृतक के परिजनों ने यह साहसिक काम कर मानवता की मिशाल पेश की है.

ब्रेन डेड हुए व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान कर पेश की मानवता की मिशाल
अंगदान होने के बाद की तस्वीर

Rajasthan News: अंगदान महादान कहा जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से किसी मरते हुए व्यक्ति को जीवनदान दिया जा सकता है. झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में  शनिवार को एक 39 वर्षीय व्यक्ति भूरिया का ब्रेन डेड हो गया. जिसके बाद परिजनों की सहमति से मरीज का ऑर्गन रिट्राइवल कर अंगदान किया गया. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने अंगदान के इस पुनीत कार्य में विशेष प्रयास करते हुए झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को ऑर्गन एण्ड ट्श्यिू रिट्राइवल के लिए सर्टिफिकेट जारी करवाया. 

साथ ही, ब्रेन डेड मरीज के परिजनों की काउंसलिंग के बाद ऑर्गन रिट्राइवल की सहमति मिलते ही इस कार्य में सहयोग के लिए जयपुर एवं कोटा मेडिकल कॉलेज तथा जोधपुर एम्स से चिकित्सकों के दल रवाना करने के निर्देश दिए.

उल्लेखनीय है कि झालावाड़ प्रदेश का पहला नॉन ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर बना है. जहां पर ब्रेन डेथ घोषित किए गए मरीज के परिवार की सहमति के बाद 3 अंगों को दूसरे शहर में प्रत्यारोपित किया जाएगा. यह प्रदेश का 58वां अंगदान है.

मरते-मरते 3 लोगों को दिया जीवनदान

जयपुर, कोटा और जोधपुर से गए चिकित्सा विशेषज्ञों के दलों ने झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों के साथ अंगदान के इस कार्य को मूर्त रूप दिया गया. ब्रेन डेड मरीज से किडनी, लिवर और कॉर्निया प्राप्त किए गए. इनमें से एक किडनी और लिवर सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर और एक किडनी एम्स जोधपुर को आवंटित की गई. इन अंगों को तत्काल प्रभाव से जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने के लिए राजस्थान ट्रैफिक पुलिस की सहायता से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. चार एम्बुलेंस के माध्यम से इन अंगों को जयपुर एवं जोधपुर पहुंचाया गया. इस तरह 39 वर्षीय भूरिया इस तरह तीन लोगों को जीवनदान दे गए.

सिर पर चोट लगने से हुए ब्रेन डेड

एसआरजी हॉस्पिटल एंड झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में 21 फरवरी 2024 को छत से गिरने की घटना हुई. इसमें घायल हुए 39 वर्षीय भूरिया को भर्ती कराया गया था. गहरी चोट के कारण भूरिया को डाक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इसके बाद झालावाड़ मेडिकल कॉलेज प्रशासन और झालावाड़ के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने यह सूचना राज्य सरकार को दी.

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने परिजनों से अंगदान की सहमति प्राप्त करने के निर्देश दिए. परिजनों से सहमति प्राप्त होते ही शनिवार को अवकाश के दिन ही झालावाड़ मेडिकल कॉलेज को अंग रिट्राइवल के लिए सर्टिफिकेट जारी किया गया. तत्काल प्रभाव से जयपुर, जोधपुर एवं कोटा से चिकित्सकों के दल इस कार्य में सहयोग के लिए रवाना किए गए.

परिजनों ने दिखाई मानवता

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अंगदान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता और ब्रेन डेड मरीज भूरिया की धर्मपत्नी संजू, माता एवं भाई के मानवता को समर्पित भाव से अंगदान की यह पहल मूर्त रूप लेने की दिशा में आगे बढ़ी. अपने जीवन के बाद भूरिया अपनी किडनियां और लिवर दान कर तीन लोगों को नया जीवन दे गए. अंगदाता भूरिया के गांव किटिया में प्रशासन द्वारा उनका ससम्मान अंतिम संस्कार किया जाएगा.

ये भी पढ़ें- सचिन पायलट का सीएम भजनलाल पर पलटवार, कहा- अब पानी पर भी राजनीति कर रही बीजेपी सरकार


 

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com