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This Article is From Sep 14, 2024

Watch: चीन के खिलाफ भारत का नया हथियार तैयार, जैसलमेर में हुआ 'जोरावर' का सफल परीक्षण

पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए जोरावर को एक अत्यधिक बहुमुखी प्लेटफॉर्म माना जा रहा है. लेकिन, यह न केवल पहाड़ी इलाकों के लिए एक बेहतरीन टैंक है, बल्कि रेगिस्तानी इलाके में भी इसने अपना प्रभाव दिखाया है.

Watch: चीन के खिलाफ भारत का नया हथियार तैयार, जैसलमेर में हुआ 'जोरावर' का सफल परीक्षण
जैसलमेर में ट्रायल के दौरान ली गई जोरावर टैंक की तस्वीर.

Rajasthan News: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारत में बने लाइट टैंक जोरावर (Jorawar) का शुक्रवार को जैसलमेर में प्रारंभिक ऑटोमोटिव परीक्षण करके बड़ी कामयाबी हासिल की. इस लड़ाकू वाहन को चीन के साथ सीमा पर सेना की लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विकसित किया जा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि टैंक ने असाधारण प्रदर्शन किया तथा इसने रेगिस्तानी इलाके में आयोजित क्षेत्रीय परीक्षणों के दौरान सभी इच्छित उद्देश्यों को कुशलतापूर्वक पूरा किया.

25 टन वजनी है जोरावर

डीआरडीओ और एलएंडटी डिफेंस वायु मार्ग से परिवहन किए जाने योग्य 25 टन वजन के टैंक विकसित कर रहे हैं, जिसे मुख्य रूप से चीन के साथ सीमा पर त्वरित तैनाती के लिए तैयार किया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय हल्के टैंक के सफल परीक्षणों को महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया. 

2027 तक सेना में शामिल

मंत्रालय ने कहा, 'डीआरडीओ ने 13 सितंबर को भारतीय हल्के टैंक जोरावर का प्रारंभिक ऑटोमोटिव परीक्षण सफलतापूर्वक किया, जो अत्यधिक महत्वपूर्ण लड़ाकू वाहन है और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती में सक्षम है. भारतीय सेना 350 से अधिक हल्के टैंक की तैनाती पर विचार कर रही है, जिनमें से अधिकतर को पहाड़ी सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा.' यह टैंक पहाड़ी इलाकों में दौड़ सकेगा. जोरावर को सभी परीक्षणों के बाद साल 2027 तक भारतीय सेना में शामिल किए जाने की उम्मीद है.

पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए सक्षम

जोरावर टैंक उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे कि पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए सक्षम है. पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए जोरावर को एक अत्यधिक बहुमुखी प्लेटफॉर्म माना जा रहा है. लेकिन, यह न केवल पहाड़ी इलाकों के लिए एक बेहतरीन टैंक है, बल्कि रेगिस्तानी इलाके में भी इसने अपना प्रभाव दिखाया है. ट्रायल के दौरान जोरावर टैंक ने असाधारण प्रदर्शन किया है और निर्धारित लक्ष्यों पर सटीकता से प्रहार क‍िया.

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