Udaipur Panther: राजस्थान के उदयपुर जिले के गोगुंदा (Gogunda) तहसील के इलाके में आदमखोर पैंथर की तलाश जारी है. पिछले छह दिनों से इस इलाके में पैंथर को लेकर दहशत है. यहां के छाली ग्राम पंचायत में दो दिन के अंदर इस पैंथर ने तीन लोगों को मार डाला था. पिछले सप्ताह गुरुवार (19 सितंबर) की सुबह उंडीथल गांव की 16 साल की एक छात्रा का शव जंगलों में मिला. इसी दिन शाम को बेवड़िया गांव में 45 साल के एक व्यक्ति को पैंथर ने मार डाला. इसके अगले दिन शुक्रवार (20 सितंबर) को पैंथर ने छाली गांव में 50 साल की एक महिला को शिकार बनाया. इसके बाद रविवार 22 सितंबर को पैंथर ने एक बैल और एक गाय को मार डाला.
पैंथर की तलाश के लिए वन विभाग, सेना और प्रशासन का साझा अभियान चलाया जा रहा है. पिछले छह दिनों से विशेष टीम जंगल के अलग-अलग हिस्सों में पैंथर को खोज रही है. तलाशी के लिए ड्रोन से भी मदद ली जा रही है. उसे पकड़ने के लिए 7 पिंजड़े लगाए गए हैं. रविवार को पैंथर की लोकेशन मिल गई थी. मगर वह अब भी पकड़ से बाहर है.

पैंथर को पकड़ना बड़ी चुनौती
तलाशी अभियान में शामिल उदयपुर के एसडीएम नरेश सोनी ने बताया कि जंगल घना होने की वजह से लेपर्ड को पकड़ने में मुश्किल हो रही है क्योंकि लेपर्ड एक-दो फीट की जगह में भी छिप सकता है. उन्होंने कहा, “बारिश में जंगल और घना हो जाता है. फिर लेपर्ड जंगल में ही रहनेवाला जानवरा है, तो उसे पता है कि कहां छिपना है.” उन्होंने कहा कि यह भी हो सकता है कि लेपर्ड जंगल में और अंदर तक चला जाए.

गांव में दहशत और प्रशासन की सलाह
ऐसी स्थिति में गांव के लोगों में बहुत दहशत है. प्रशासन ने गांव के लोगों को सलाह दी है कि जब तक लेपर्ड को पकड़ नहीं लिया जाता तब तक उन्हें बाहर निकलने से बचना चाहिए.
एसडीएम नरेश सोनी ने कहा, “आवश्यक काम हो तभी बाहर निकलें और अकेले नहीं निकलें, समूह में निकलें. हाथ में लाठी भी रखनी चाहिए. और अगर लेपर्ड सामने आ जाए, तो आपको अपने हाथ फैलाते हुए जोर-जोर से चीखना और चिल्लाना चाहिए, क्योंकि ऐसा होने पर लेपर्ड हमला नहीं करेगा.”
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