अलवर नगर निगम चुनाव में नया मेयर कौन बनेगा, इसे लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है.BJP और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के जरिए अपने-अपने पत्ते खोलते ही स्थानीय राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है. मेयर की कुर्सी हासिल करने के लिए दोनों राजनीतिक खेमों में गुणा-गणित और दावेदारियों का दौर तेजी से शुरू हो चुका है. शहर के विकास, स्थानीय नागरिक मुद्दों और भावी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक रणनीति तैयार की जा रही है. दिग्गजों की नजरें हर एक पार्षद प्रत्याशी के समर्थन और अंदरूनी गुटबाजी को साधने पर टिकी हुई हैं. सत्ता की इस अहम जंग में निर्दलीय और छोटे दलों की भूमिका को भी बेहद निर्णायक माना जा रहा है.