Rajasthan News: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अजमेर संभाग में चल रहे एक बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यावर, नसीराबाद और किशनगढ़ जैसे इलाकों में परिवहन विभाग के अधिकारी, दलालों के साथ मिलकर अवैध वसूली की जा रही थी.
होटल-ढाबों से चल रहा था वसूल का खेल
एसीबी को गोपनीय सूचना मिली थी कि हाईवे से गुजरने वाले वाहनों से ₹600 से ₹1000 तक की अवैध वसूली की जा रही है. जांच में सामने आया कि यह सारा लेन-देन नसीराबाद के होटल आरजे-01 और जगदंबा टी स्टॉल के जरिए होता था. ये ढाबे रिश्वत की रकम को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे थे.
ACB के अनुसार वाहन चालकों से मोबाइल कॉल, मैसेजिंग ऐप और पेटीएम के माध्यम से रिश्वत ली जाती थी. दलाल कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था बनाकर वाहन नंबर आरटीओ उड़न दस्तों को कोड वर्ड में भेजते थे.
12 टीमों की छापेमारी
ब्यूरो मुख्यालय की 12 टीमों के जरिए ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकडी, किशनगढ और अजमेर आदि कार्यालयों के परिवहन अधिकारी, कर्मचारियों के ठिकानों, फ्लाईंग स्क्वाड, प्राईवेट दलालों एवं उनके परिसरों पर छापा मारा. इस छापेमारी में वाहनों से अवैध एंट्री, संदिग्ध दस्तावेज, मोबाईलों में डिजीटल डेटा बरामद हुआ. दलाल विक्रम सिंह और संजय यादव जैसे लोग कोड वर्ड में फ्लाइंग टीम को सूचना देते थे कि "गाड़ी पास करनी है"
13 लोग हिरासत में, लाखों का हिसाब मिला
एसीबी ने अब तक परिवहन निरीक्षक जलसिंह, उनके निजी सहायक प्रदीप जोधा, दलाल विक्रम सिंह पिपरोली व संजय यादव, ढाबा संचालक बुधे सिंह महेन्द्र कुमार, सुनील कुमार तथा परिवहन विभाग के संविदा गार्ड लक्ष्मण काठात, गुलाब काठात और संदिग्ध रामूराम, मनोहर गांधी, बुद्विप्रकाश प्रजापत तथा कृष्णा सिंह सहित कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया है. तलाशी के दौरान ₹1,16,700 की संदिग्ध नकद राशि, 19 मोबाइल और 12 ऐसी डायरियां मिली हैं जिनमें लाखों रुपये की रिश्वत का कच्चा-चिट्ठा दर्ज है. फिलहाल सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ जारी है.