विज्ञापन
This Article is From Dec 04, 2024

NCB का 'ऑपरेशन शंकर': जोधपुर में कॉलेज और हॉस्टलों के पास गांजे की सप्लाई करने वाला सरगना गिरफ्तार

राजस्थान के जोधपुर जिले में NCB ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 साल से नेटवर्क चला रहे अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है.

NCB का 'ऑपरेशन शंकर': जोधपुर में कॉलेज और हॉस्टलों के पास गांजे की सप्लाई करने वाला सरगना गिरफ्तार
NCB की गिरफ्त में आरोपी.

Drugs Smuggling News: राजस्थान में ड्रग्स तस्करी का करोबार लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में आए दिन ड्रग्स तस्करी की घटनाएं सामने आ रही है और तस्कर सरेआम ड्रग्स बेच रहे हैं. इसको लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 'ऑपरेशन शंकर' चलाया हुआ है. जिसके तरह वह ड्रग्स माफिया के नेटवर्क धीरे-धीरे खत्म कर रही है. ऐसा ही एक मामला प्रदेश के जोधपुर जिले से सामने आया है. जहां NCB ने जोधपुर जोन में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ महीने पहले 865 किलोग्राम गांजा जब्त किया था. जिसके बाद टीम ने जांच की और इस तस्करी में उन्होंने अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है.

865 किलोग्राम गांजा किया था जब्त

जोनल निदेशक घनश्याम सोनी ने बताया कि विशेष खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए एनसीबी जोधपुर की टीम ने गत 23 मई को जोधपुर के फिटकासनी स्थित गोरा होटल के पास एक महिंद्रा पिकअप वाहन को रोका था. जिसकी तलाशी के दौरान वाहन से 71 पैकेट गांजा के बरामद किए गए. इसके बाद की कार्रवाई में 99 अतिरिक्त पैकेट भी जब्त किए गए. इस प्रकार कुल 865 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 4.30 करोड़ आंकी गई.

इस मामले में अब तक 6 अंतरराज्यीय मादक पदार्थ अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जिसके बाद मामले की आगे जांच कि गई जिसमें अब विनायकपुरा भवाद करवड़ निवासी मेहराम विश्रोई को गिरफ्तार किया गया है. 

मुख्य सरगना 2004 से सक्रिय 

जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी के अनुसार पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि 2004 से सक्रिय मेहराम बिश्नोई ने तस्करी के इस नेटवर्क को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जिसमें प्रमुख तस्कर राकेश साई और बलदेव है. जिन्होंने ओडिशा के गांजा आपूर्तिकर्ताओं के बीच संपर्क स्थापित किया था. फिर मादक पदार्थ व्यापार में वित्तीय निवेश करने के साथ साझेदार बन गया.

शैक्षणिक संस्थानों का बनाया टारगेट 

डायरेक्टर ने आगे बताया कि गांजा तस्करी की यह खेप मुख्य रूप से आईआईटी जोधपुर , एम्स , एनआईएफटी और जोधपुर शहर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को लक्षित करती थी. वहीं आरोपी मेहराम बिश्नोई 2004 से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय है. उसके खिलाफ एक मामला गांजे की तस्करी का और एक मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत थाना करवड़ में दर्ज है.

सोनी ने बताया कि एनसीबी की टीम अब ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तस्करों का पता लगाने में जुटी है. जहां से गांजा की आपूर्ति की जाती है. सक्रिय खरीदारों की पहचान की जा रही है. इसके लिए कड़ी से कड़ी को जोड़ा जा रहा है.

यह भी पढ़ें- अवैध डोडा पोस्त तस्करी मामले में बाप बेटे को 10-10 साल की सजा, 12 साल पुराना है मामला

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com