
पर्यावरण से हमेशा से प्यार था, और कभी लोगों को योग सिखाया करते थे. फिर पुलिस की नौकरी मिल गई, लेकिन कॉन्स्टेबल घनश्याम रैगर का पर्यावरण से प्यार बरकरार रहा, और आसपास के इलाके को हराभरा रखने के जुनून में जेब से पैसे खर्च कर पौधे लगाते रहे.
मौजूदा समय में कामखेड़ा थाने में तैनात कॉन्स्टेबल घनश्याम रैगर ड्यूटी के बाद भी जब समय मिलता है, पेड़-पौधे लगाने और उनकी देखरेख करने में जुटे रहते हैं. हरियाली लाने के लिए पेड़-पौधों को लगाना और उन्हें संभालने का चस्का इतना ज़्यादा है कि ज़मीन पथरीली भी हो, तो मिट्टी डलवाकर पौधे लगा देते हैं.
कॉन्स्टेबल घनश्याम रैगर को जब कामखेड़ा थाने में तैनाती मिली थी, तब नौ बीघा ज़मीन थी, लेकिन पथरीली थी. घनश्याम ने पहले ज़मीन के चारों ओर सीमेंट के खम्भे बनवाकर तारों से बाउंड्री बनवाई, और फिर पानी की पाइपलाइन डलवाकर पौधे लगाने शुरू किए. जहां ज़मीन पथरीली थी, वहां मिट्टी मंगवाकर डाली, और फिर पौधे लगाकर उनकी देखभाल के लिए, और पानी देने के लिए वक्त निकालकर आते रहे. ज़मीन के इस नौ बीघा के टुकड़े पर पिछले पांच साल में घनश्याम 600 से ज़्यादा पौधे लगा चुके हैं.
पेड़-पौधों से घनश्याम को बहुत प्यार है, इसे इस तथ्य से भी जाना जा सकता है कि जब सारी दुनिया अपने बच्चों का जन्मदिन केक काटकर या दावत देकर मनाती है, घनश्याम ने अपने पुत्र का जन्मदिन 51 पौधे लगाकर मनाया.

कामखेड़ा थाना क्षेत्र में जब भी कोई अधिकारी आता है, हराभरा वातावरण देख खुश हो जाता है. इलाके की हरियाली से प्रभावित होकर जिला उप-कलेक्टर राधेश्याम डेलू ने कॉन्स्टेबल के बारे में जानकारी हासिल की, और फिर घनश्याम रैगर को सम्मानित किया. हाल ही में SP ऋचा तोमर भी कॉन्स्टेबल घनश्याम रैगर को सम्मानित कर चुकी हैं.
घनश्याम रैगर बरसात के मौसम में इलाके में कम से कम 500 पौधे और लगाना चाहते हैं, ताकि यह क्षेत्र ज़्यादा हराभरा नज़र आए, लोग पेड़ों की छांव में बैठकर शुद्ध वायु लें ओर प्रदूषित वातावरण से मुक्ति पाएं.