
ACB Action: राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लगातार सरकारी विभाग पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं. इसके बाद एसीबी लगातार राजस्थान के अलग-अलग जिलों के सरकारी बाबूओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. एसीबी को शिकायत मिलने के बाद तुरंत एक्शन ले रही है. राजस्थान में इस महीने रिश्वत मामले में दर्जनों सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. लेकिन इसके बावजूद रिश्वत का खेल जारी है. बीते सोमवार (16 सितंबर) को जयपुर की ACB टीम ने अलवर के जलदाय विभाग (PHED) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को गिरफ्तार किया था.
अलवर के PHED में कार्यरत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिव्यांक त्यागी को अंबेडकर नगर बस स्टैंड पर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. जबकि इससे पहले भी वह एक लाख रुपये रिश्वत ले चुका था. 17 सितंबर को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिव्यांक त्यागी को कोर्ट में पेश किया गया. जिसके बाद उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया.

घर से बरामद किये गए 55 लाख रुपये
एसीबी की टीम ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिव्यांक त्यागी को गिरफ्तार करने के बाद कार्रवाई शुरू की. जिसमें उसके कार्यालय में छानबीन की गई. वहीं एसीबी की दूसरी टीम ने दिव्यांक त्यागी के घर पर भी छापेमारी की. इस छापेमारी में आरोपी के घर से 55 लाख रुपये नगद, जेवरात और कई फाइलें जब्त की है. इन फाइलों की भी जांच की जा रही है. एसीबी का कहना है कि अभी यह मामला और भी बड़ा हो सकता है.
22 लाख में मांगा था 3 प्रतिशत
जयपुर सिटी एंटी करप्शन विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलराम मीणा ने बताया कि ठेकेदार विजय कुमार ने शिकायत दी थी कि मालाखेड़ा में उसका कार्य चल रहा है. इस कार्य के लिए उसके 22 लाख रुपए के बिल पास होने हैं. लेकिन उससे 22 लाख रुपये निकलवाने के एवज में रकम की तीन फीसदी के हिसाब से रिश्वत मांग रहा है. उसने बताया कि 1 लाख रुपये उससे 9 सितंबर को ही ले लिये गए हैं. जबकि डेढ़ लाख रुपये और मांगा गया है. इसके बाद डेढ़ लाख रुपये लेने का सत्यापन किया गया. एसीबी की टीम ने ट्रैप करने के लिए आरोपी दिव्यांक त्यागी अंबेडकर नगर के बस स्टैंड पर बुलाया. आरोपी ने डेढ़ लाख रुपए की जैसे ही रिश्वत ली एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया.
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