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This Article is From Aug 09, 2025

अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों को जमानत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद के फैसले पर लगाई रोक

राजस्थान में अजमेर के 1992 ब्लैकमेल कांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. पॉक्सो कोर्ट की आजीवन कारावास की सजा पर रोक लगाते हुए मुख्य आरोपियों को जमानत दी गई. इस मामले में 100 से ज्यादा छात्राओं के साथ हैवानियत हुई थी.

अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों को जमानत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद के फैसले पर लगाई रोक
अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपी.

Ajmer 1992 blackmail case: राजस्थान में अजमेर के 1992 के चर्चित फोटो ब्लैकमेल कांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पॉक्सो कोर्ट के आजीवन कारावास के फैसले पर रोक लगाते हुए मुख्य आरोपियों नफीस चिश्ती, इकबाल भाटी, सलीम चिश्ती और सैयद जमीर हुसैन समेत छह लोगों को जमानत दे दी. यह मामला 32 साल बाद फिर सुर्खियों में है. पिछले साल 20 अगस्त 2024 को पॉक्सो कोर्ट ने इन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

100 से ज्यादा छात्राओं की जिंदगी बर्बाद

1992 में अजमेर में हुआ यह कांड पूरे देश को हिलाकर रख देने वाला था. 100 से अधिक कॉलेज छात्राओं को ब्लैकमेल कर उनके साथ गैंगरेप और अश्लील तस्वीरें खींचने का सिलसिला सामने आया. बदनामी के डर से कई छात्राओं ने आत्महत्या तक कर ली. इस मामले ने समाज को झकझोर दिया और जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी गई. कुल 18 लोग इस कांड में आरोपी बनाए गए.

जानें कैसे शुरू हुआ यह घिनौना खेल

मामले की शुरुआत एक बिजनेसमैन के बेटे के साथ कुकर्म से हुई. उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींचकर उसे ब्लैकमेल किया गया. इसके बाद उसकी मदद से उसकी सहेलियों को निशाना बनाया गया. तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर गैंगरेप का सिलसिला चलता रहा. मुकदमे में 104 गवाहों के बयान दर्ज हुए, जिनमें तीन पीड़िताएं आखिरी समय तक अपने बयान पर डटी रहीं. पॉक्सो कोर्ट ने 208 पेज के विस्तृत फैसले में आरोपियों को दोषी ठहराया था.

हाईकोर्ट का फैसला और नई लड़ाई

हाईकोर्ट के इस फैसले ने पीड़ितों के जख्मों को फिर हरा कर दिया है. आरोपियों को जमानत मिलने से पीड़ित पक्ष में नाराजगी है और अब नई कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू हो सकती है.

क्या है पूरा मामला?

32 साल पहले यानी 1992 में, अजमेर के एक निजी गर्ल्स कॉलेज में पढ़ने वाली छात्र-छात्राओं को ख्वाजा गरीब नवाज के खादिम आरोपी बहला फुसला कर अलग-अलग फार्म हाउस में ले गए थे. वहां उनके साथ आरोपियों ने गलत काम किया और उनके अश्लील फोटो कमरे में खींच ली. इसके बाद अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर आरोपियों ने पीड़ित लड़कियों की सहेलियों के साथ भी अलग-अलग फार्म हाउस में गलत काम किया.

इस मामले में करीब 100 प्रकरण ऐसे सामने आए थे, जिन्हें करीब 18 आरोपियों ने गलत काम कर उनको ब्लैकमेल किया था. इस मामले में 18 आरोपियों में से 9 आरोपियों को सजाया सुनाई जा चुकी है. एक आरोपी ने आत्महत्या कर ली थी. वहीं एक अन्य आरोपी के खिलाफ लड़के से कुकर्म करने का अलग मामला चल रहा है. इस मामले में एक आरोपी आज दिनांक तक फरार है, जिसे भगोड़ा घोषित कर रखा है.

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