
Rajasthan News: राजस्थान में विदेशी निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 6 दिवसीय विदेशी दौरे पर हैं. सीएम भजनलाल की विदेश यात्रा के बीच बाड़मेर के धोरीमन्ना निवासी एक सब्जी विक्रेता की बेटी चर्चाओं में है. इस बेटी ने बाड़मेर ही नहीं, बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है. सब्जी विक्रेता की बेटी का नाम पेंपो है, जिसने दक्षिण कोरिया में सीएम भजनलाल शर्मा और कोरियाई सरकार के लोगों के बीच बातचीत में एक सेतु का काम किया है.
कोरियाई भाषा में पेंपो ने किया ग्रेजुएशन
पेंपो ने हिंदी भाषा का दक्षिण कोरिया भाषा में अनुवाद कर कोरिया सरकार को निवेश को योजनाओं को बताया और कोरियाई भाषा हिंदी में अनुवाद कर एक-एक शब्द सीएम भजनलाल और उनके साथ गए अधिकारियों को समझाया. पेंपो के पिता भीखाराम बताते है कि पेंपो की 12वीं पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई हैं. पढ़ाई में तेज थी और आगे पढ़ना चाहता थी, जिसके चलते आगे की पढ़ाई के लिए झारखंड यूनिवर्सिटी में उसका एडमिशन हो गया. वहां पर उसे अनिवार्य रूप से तीसरी भाषा के रूप में कोरियाई भाषा मिली.
ईवाह वीमन यूनिवर्सिटी में हुआ था चयन
हिंदी मीडियम और देहाती मारवाड़ी परिवेश में पली बढ़ी पेंपो के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन उसने अपनी मेहनत और लगन से एक साल में कोरियाई भाषा में अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया. आगे की पढ़ाई के लिए पेंपो दक्षिण कोरिया जाना चाहती थीं, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी. उसने चेन्नई में एक कंपनी में कोरियाई भाषा के ट्रांसलेटर की नौकरी शुरू की. इस दौरान कुछ आर्थिक हालत सुधरे तो उसने दक्षिण कोरिया में पढ़ाई के लिए ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप के लिए प्रयास शुरू किए. पहले प्रयास में उसे सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उसका चयन दक्षिण कोरिया की ईवाह वीमन यूनिवर्सिटी में हो गया.
दक्षिण कोरिया सरकार ने दिया पढ़ाई
इस दौरान उसके साथ 20 अन्य छात्रों का चयन हुआ, इसमें पेंपो को पांचवी रैंक मिली थी. ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप पर पढ़ने गई पेंपो का ईवाह वीमन यूनिवर्सिटी में चयन हो गया. यहां पेंपो कोरियाई भाषा पर पीएचडी कर रही हैं और इसके लिए दक्षिण कोरिया की सरकार स्कॉलरशिप के चलते पेंपो की पढ़ाई के साथ हर साल 14 हजार डॉलर दिए हैं. इस दौरान उसे राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापारिक संबंधों पर चर्चा और देश में कोरियाई निवेश को बढ़ावा देने के लिए समित में भाग लेने हेतु यात्रा के दौरान कोरियाई भाषा का हिंदी में अनुवाद करने ट्रांसलेटर की जिम्मेदारी मिली, जिसे उसने बखूबी निभाया.
यह भी पढ़ें-
महंगे होटल में कमरा, ब्रांडेड कपड़े-जूते, लग्जरी लाइफ के लिए बूंदी में चोर ने की 34 लाख की चोरी