
Rajasthan News: उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में 28 वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान एक मामले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का तत्काल लिया गया फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमृतियां ब्लॉक आसपुर जिला डूंगरपुर में पदस्थापित तृतीय श्रेणी अंग्रेजी लेवल 2 के दृष्टि बाधित शिक्षक भावेश रेबारी समस्या लेकर पहुंचे.
बता दें कि भावेश दृष्टि बाधित हैं और कुछ दिनों पहले उन्हें आंशिक रूप से लकवा मार दिया है. फिलहाल वह अपने गृह जिले डूंगरपुर में ही है. लेकिन उनका पूरा परिवार लंबे समय से उदयपुर में रहता है. ऐसे में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा रहा है.
शिक्षा मंत्री समस्या सुनते ही लिया एक्शन
मदन दिलावर के कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने दृष्टि बाधित शिक्षक की पीड़ा को शिक्षामंत्री के OSD अभय सिंह राठौड़ को सुनाई और समाधान करने का अनुरोध किया. राठौड़ द्वारा समारोह के दौरान ही शिक्षा मंत्री को अवगत कराया गया.
शिक्षा मंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सम्मान समारोह के बीच अवसर मिलते ही शिक्षक भावेश रेबारी को मंच पर बुलाया. उसकी शिकायत ली और कहा की शिक्षा विभाग द्वारा उन शिक्षकों को अपने इच्छित स्थान पर लगाया जा रहा है, जो वास्तव में गंभीर रूप से बीमार और विकलांग हैं.
तुम्हे जहां जाना है वहां होगा तबादला: दिलावर
दिलावर ने मंच पर शिक्षक से ही पूछ लिया कि 'बताओ तुम कहां लगना चाहते हो शिक्षक ने मंच से कहा कि वर्तमान में मेरी नियुक्ति तो गृह जिले में ही है. लेकिन मेरा परिवार उदयपुर में रहता है. इसलिए मैं राजकीय अंध विद्यालय मल्ला तलाई उदयपुर में अपना स्थानांतरण चाहता हूं. जिस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहां तुम चाहते हो वहां तुम्हारा स्थानांतरण कर दिया जाएगा.'
उन्होंने अधिकारियों से उचित आदेश जारी करने को कहा. शिक्षक भावेश रेबारी ने शिक्षा मंत्री का विकलांगों और दृष्टि बाधित, गंभीर रोगों से ग्रसित शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए घर के पास के विद्यालय में स्थानांतरण करने की नीति पर आभार व्यक्त किया. खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपनी बेहतर सेवाएं दृष्टिबाधित विद्यालय में देंगे.
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