विज्ञापन

Civil Lines Leopard News: पहले बर्तन फेंके, फिर बाल्टी, तब जाकर बाहर आया तेंदुआ; ट्रेंकुलाइज करने में क्यों लगा 1 घंटा?

Leopard Tranquilised After Two-Hour Chase: रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती घुसपैठ पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव और वन क्षेत्रों में मानवीय दखल की ओर इशारा करता है.

Civil Lines Leopard News: पहले बर्तन फेंके, फिर बाल्टी, तब जाकर बाहर आया तेंदुआ; ट्रेंकुलाइज करने में क्यों लगा 1 घंटा?
जयपुर हाई-सिक्योरिटी जोन में तेंदुए की दस्तक, रेस्क्यू के लिए बर्तन और बाल्टी का इस्तेमाल
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सिविल लाइंस इलाके में गुरुवार सुबह एक तेंदुए की दस्तक से अफरा-तफरी मच गई. करीब 7:30 बजे यह तेंदुआ सबसे पहले टाइनी ब्लॉसम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में घुसता हुआ देखा गया, जिसके बाद वहां के स्टाफ ने एहतियात के तौर पर सभी स्टूडेंट्स को क्लास में बंद कर दिया. करीब 9 बजे वहां से निकलकर तेंदुआ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बंगले के पास से होता हुआ जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के सरकारी आवास में घुस गया. हाउस गार्ड ने सीसीटीवी में तेंदुए के मूवमेंट की पुष्टि करने के बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी.

रेस्क्यू में डेढ़ घंटा क्यों लगा?

वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अशोक तंवर ने  बताया, 'जब वन विभाग की टीम वहां पहुंची तो देखा कि तेंदुआ लगातार अपनी जगह बदल रहा है. वो मंत्री के आवास से निकलकर, दोबारा कॉलोनी में चला गया है. इस वजह से उसे ट्रेंकुलाइजर (बेहोश) करने में करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय लग गया. कुछ देर बाद जब तेंदुआ पास के एक मकान की पिछली लॉबी में छिप गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया तो हमने बर्तन और बाल्टी फेंककर उसे वहां से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद उसे पकड़ने में सफलता मिल गई.

आसपास सीएम-मंत्रियों के आवास

यह सिविल लाइंस वह इलाका है जहां राजभवन, मुख्यमंत्री का निवास, और कई मंत्रियों व उच्चाधिकारियों के सरकारी आवास स्थित हैं. ऐसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले क्षेत्र में लेपर्ड की उपस्थिति ने सुरक्षा और वन्यजीव प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि यह कोई इकलौती घटना नहीं है. पिछले कुछ महीनों में जयपुर के रिहायशी इलाकों में तेंदुए की हलचल की कई घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में, गुर्जर घाटी इलाके में लेपर्ड को पीट-पीटकर मारे जाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना भी सामने आई थी. उससे भी पहले गोपालपुरा बाईपास पर स्थित एनबीसी कंपनी में लेपर्ड की मूवमेंट देखी गई थी.

जंगल से शहरी क्षेत्र में कैसे आ पहुंचा?

प्रधान मुख्य वन संरक्षक शिखा मेहरा ने बताया कि एनिमल कनफ्लिक्ट की घटनाओं में विभाग की प्राथमिकता मानवीय और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि वन्यजीवों का भोजन की तलाश में शहरी क्षेत्रों में आना और वन इलाकों में बढ़ता इंसानी दखल पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में गंभीर बदलावों का संकेत है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है. अब वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि तेंदुआ जंगल से इतनी दूर शहरी क्षेत्र में कैसे आ पहुंचा?

ये भी पढ़ें:- धर्मांतरण कानून पर गृह राज्य मंत्री बेढम ने डोटासरा पर साधा निशाना, बोले- 'कांग्रेस के पेट में क्यों है दर्द?'

LIVE TV देखें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close