
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं. मतदाताओं को रिझाने के लिए गहलोत कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. चुनावी वर्ष में गहलोत के 'सब्सिडी राहत प्लान' के तहत गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास से जुड़कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के दूसरे चरण में लाभार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के 36 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में एक क्लिक के जरिए 155 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई. जहां सीएम ने अपने गृह जिले जोधपुर के करीब 1.78 लाख लाभार्थियों के खाते में 7.50 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की.
जोधपुर में कलेक्टर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सीएम गहलोत वर्चुअल जुड़े थे. सीएम ने अपने साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल व योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि साढ़े चार साल में जो कार्य किए वो अभूतपूर्व हैं. तथा इनकी घर-घर में चर्चा हो रही है.उन्होंने कहा कि महंगाई से प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए राज्य सरकार द्वारा महंगाई राहत कैम्पों का आयोजन किया जा रहा है. जिनमें 500 रुपये में गैस सिलेण्डर के साथ ही महंगाई से राहत देने वाली 10 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है.
गहलोत सीएम आवास से राज्य स्तरीय लाभार्थी संवाद में इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को संबोधित कर रहे. इंदिरा गांधी गैस सिलेण्डर सब्सिडी योजना के पंजीकृत उपभोक्ताओं को लाभ हस्तांतरण का यह दूसरा चरण है. इससे पहले 5 जून को सीएम गहलोत ने लगभग 14 लाख पंजीकृत उपभोक्ताओं के खातों में करीब 60 करोड़ रूपए की राशि हस्तांतरित की गई थी.
सीएम ने महंगाई मुद्दे पर केंद्र को घेरा
मुख्यमंत्री गहलोत ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आज देश का आम नागरिक बढ़ती हुई महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है. केन्द्र सरकार ने उज्ज्वला योजना लागू की, लेकिन गैस सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ते हुए 1150 रुपए तक पहुंच गई. इसी प्रकार टमाटर के दाम भी 150 रुपए किलो तक पहुंच चुके हैं. निरंतर बढ़ रही महंगाई से आमजन में रोष है. सीएम ने केन्द्र सरकार से अपील किया कि आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि महंगाई से राहत देने के लिए ही राज्य सरकार मात्र 500 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रही है. देश के कई अन्य राज्य भी इस पहल का अनुकरण कर रहे हैं.
न्यूनतम आय की गारंटी कानून बनाने वाला राजस्थान पहला राज्य
कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़े सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां कानून बनाकर न्यूनतम आय की गारंटी प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ एकल नारी, विधवा, बुजुर्ग एवं निशक्तजनों को पेंशन दी जा रही है न्यूनतम पेंशन की राशि एक हजार रुपये कर दी गई है राज्य में महात्मा गांधी नरेगा योजना के साथ ही इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत 125 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है. इसके साथ ही पालनहार योजना के अंतर्गत करीब 6 लाख बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं यह योजना उनके जीवन को सही दिशा देने में मददगार साबित हो रही है सीएम ने कहा कि भविष्य में पालनहार सहित अन्य योजनाओं को दायरे में लाकर न्यूनतम आय की गारंटी कानून को और सशक्त बनाया जाएगा.
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