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मौसम की चुनौती में भी नहीं मानी हार, सरकारी नर्सरी में तैयार हुए 1 साल में 8.50 लाख पौधे

जोधपुर शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र व अन्य जिलों से भी लोग इसी नर्सरी में आकर पौधे खरीदना पसंद करते हैं जहां अब मानसून की शुरुआत से पहले 8 लाख से अधिक के पौधे अब पूर्ण रूप से वितरण के लिए तैयार है.

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मौसम की चुनौती में भी नहीं मानी हार, सरकारी नर्सरी में तैयार हुए 1 साल में 8.50 लाख पौधे

Rajasthan News: दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है, बस जरूरत है तो हौसले और मेहनत की' इस कहावत को सिद्ध किया है जोधपुर की एक सरकारी नर्सरी ने, जो जोधपुर संभाग की सबसे बड़ी सरकारी नर्सरी में एक है. इस नर्सरी के जाबांज कर्मचारियों के हौसलों के आगे 48 डिग्री की चिलचिलाती गर्मी ने भी अपने घुटने टेक दिए और जिसका परिणाम रहा कि मात्र 1 साल में ही इस सरकारी नर्सरी ने 8 लाख 50 हजार से अधिक पौधों को तैयार कर दिखाया है. सूर्यनगरी की भीषण गर्मी में जहां पेड़ पौधे भी जल रहे हैं वहीं नर्सरी के कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें 24 घंटे अपने परिवार के सदस्य के रूप में इन पौधों की देखभाल करते हैं. जिसका परिणाम है कि इस चिलचिलाती गर्मी में भी पौधों को जलने से बचाते हुए इतनी बड़ी संख्या में इन पौधों को वितरण के लिए भी तैयार कर दिया है.

जोधपुर के भूतेश्वर वन खंड की पहाड़ियों में 4 हेक्टेयर में फैली इस सरकारी नर्सरी में हर किस्म के पौधे तैयार किए गए हैं. वहीं केंद्र व राज्य सरकारों के कई विभागों में होने वाले पौधारोपण के लिए भी इसी सरकारी नर्सरी की ओर रुख करते हैं. जोधपुर शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र व अन्य जिलों से भी लोग इसी नर्सरी में आकर पौधे खरीदना पसंद करते हैं जहां अब मानसून की शुरुआत से पहले इस सरकारी नर्सरी के कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों से तैयार हुए 8 लाख से अधिक के पौधे अब पूर्ण रूप से वितरण के लिए तैयार है.

बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक पौधे तैयार

सरकारी नर्सरी के प्रभारी जय किशन ने बताया कि यह जोधपुर की सबसे बड़ी भूतेश्वर वन खंड में स्थित नर्सरी है और हर वर्ष यहां हम पौधे तैयार करते हैं. इस साल 8 लाख 50 हजार के करीब पौधों को तैयार किया है. जिसमें फलदार, छायादार व फूलदार हर किस्म के पौधे तैयार किये हैं. इसके अलावा आयुर्वेदिक औषधियां से जुड़े पौधों को भी यहां बड़ी संख्या में तैयार किया गया है और इस भीषण गर्मी में भी हम इन पौधों की देखभाल अपने बच्चों परिवार के सदस्य की तरह करते हैं वहीं हर वर्ष 2 से 3 लाख पौधों के वितरण का टारगेट रहता है लेकिन इस वर्ष 8 लाख पौधे का टारगेट रखा है. इस भीषण गर्मी के चलते आम लोगों से भी अपील करते हैं कि जैसे अपने जन्मदिन या अन्य कार्यक्रमों में कम से कम दो पौधे अवश्य लगाए.

नर्सरी के प्रभारी जयकिशन ने आगे बताया कि इन पौधों को तैयार करने में कई प्रकार की कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है. जो सर्दी गर्मी और वर्षा इन तीनों ऋतुओं उस किस्म के पौधों को तैयार करने में कठिनाई आती है. लेकिन उन सब परिस्थितियों के बावजूद हम इन पौधों को अपने बच्चों की तरह पालते हुई तैयार करते हैं.

इस सरकारी नर्सरी में हर प्रकार के पौधे को किफायती दरों में आमजन को उपलब्ध करवाया जाता है. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन सहयोग से लगाए जाने वाले पौधों के लिए भी लोग इसी नर्सरी की ओर रुख करते हैं.

मानसून से पहले पौधों का होगा बंपर वितरण

आपको बता दे की हर वर्ष इसी सरकारी नर्सरी में 2 से 3 लाख पौधों के वितरण का टारगेट रहता है लेकिन इस बार इस भीषण गर्मी की चुनौतियां को दरकिनार कर 8 लाख से अधिक के पौधों को  तैयार कर दिखाया है जहां कह सकते हैं कि मानसून से पहले इस बार जोधपुर में बंपर पौधों का वितरण होना भी लगभग तय है.

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