Dr. Lakshyaraj Set 10 Guinness World Record: मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने 10वां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया है. उनकी इस उपलब्धि ने उदयपुर का नाम विश्व पटल पर एक बार फिर से रोशन हुआ है. उन्होंने यह रिकॉर्ड मिट्टी के मटकों के माध्यम से ‘सेवा, संस्कृति और पर्यावरण' के क्षेत्र में बनाया है. जिसमें उन्होंने मिट्टी के मटकों से आधुनिक जीवनशैली के बीच प्राचीन परंपराओं की संबंधता को वैश्विक मंच पर पेश किया है. डॉ. लक्ष्यराज इससे पहले भी 9 अलग अलग क्षेत्रों में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं.
1400 से अधिक मिट्टी के मटकों का किया निर्माण
बता दें कि यह रिकॉर्ड गुरुवार को उदयपुर की शिकारबाड़ी में स्थापित किया गया. जहां एक साथ 1400 से अधिक मिट्टी के मटकों का निर्माण कर उन्हें जरूरतमंदों में वितरित किया गया. लक्ष्यराज सिंह इससे पहले भी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में 9 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुके हैं.
पिता को समर्पित किया सम्मान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने अपने दिवंगत पिता *महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ को समर्पित किया. उन्होंने पिता को यादा करते कहा कि कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का जो पाठ उन्होंने अपने पिता से सीखा, यह कीर्तिमान उसी विरासत का सम्मान है.
वैज्ञानिक महत्व पर जोर
डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने 1400 से ज़्यादा मिट्टी के मटके बनाने के पीछे का राज बताते हुए कहा कि मिट्टी के बर्तन सिर्फ़ पानी के बर्तन नहीं हैं, बल्कि सेहत का आधार हैं. उन्होंने रेफ्रिजरेटर से आर्टिफ़िशियली ठंडे पानी के बुरे असर के बारे में आगाह किया और मिट्टी के घड़े के पानी के कुदरती गुणों और 'मिट्टी से जुड़ाव' की अहमियत के बारे में बताया.