Dausa: राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र में पिछले 11 दिनों से आबादी वाले इलाके में लेपर्ड की मूवमेंट बनी हुई है. इसे लेकर वहां के लोगों में काफी दहशत की स्थिति है. कल, 13 जनवरी, मंगलवार की शाम पैंथर की अचानक अलवर सिकंदरा मेगा हाईवे पर मूवमेंट होने की जानकारी मिली जिसके बाद हड़कंप मच गया. सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर और पैंथर की तलाश में जुट गई. लेकिन इसके एक दिन बाद आज एक बड़ा अपडेट आया है कि वहां एक नहीं बल्कि तीन लेपर्ड मौजूद हैं.

लेपर्ड के पैरों के निशान
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पैरों के निशान से लेपर्ड की तलाश
अलवर सिकंदरा मेगा हाईवे के वन विभाग के पीछे स्थित नगर वन में पिछले 11 दिनों से लेपर्ड के मूवमेंट की वजह से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. वन विभाग की टीम पगमार्क के आधार पर लगातार लेपर्ड की तलाश में जुटी है. बांदीकुई वन विभाग के रेंजर उदय सिंह ने NDTV को कल बताया था कि लगभग 10 दिन पहले लेपर्ड के फूट मार्क दिखे थे. लेकिन पिछले पांच दिन उसके पंजों के निशान नहीं दिख रहे थे.

लेपर्ड के पैरों के निशान खोजते वनकर्मी
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मिले और भी लेपर्ड के निशान
कल शाम को फिर से निशान दिखे जिसके बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची लेकिन वह लेपर्ड निकल गया था. इसके बाद आज 14 जनवरी को वहां पिंजरा लगाया गया. लेकिन इसी बीच अब वन विभाग ने दावा किया है कि वन क्षेत्र में एक नहीं बल्कि तीन लेपर्ड का मूवमेंट है. अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू टीम को मादा लेपर्ड के अलावा दो शावकों के पैरों के भी निशान मिले हैं.
ग्रामीणों को किया गया सावधान
वन विभाग ने आसपास के रहने वाले लोगों को सचेत कर दिया है और ग्रामीणों को शाम के समय सावधानी बरतने तथा घरों से बाहर ना निकलन की सलाह दी गई है. हालांकि उन्होंने कहा है कि लेपर्ड अक्सर इंसानों पर नहीं बल्कि श्वानों और बकरियों पर हमले करते हैं. वन विभाग ने लोगों को लेपर्ड की मूवमेंट होने पर पटाखे छोड़ने की सलाह दी है.
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