Rajasthan News: राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का बाघ परियोजना से दिल छू लेने वाली खबर आई है. अकबरपुर रेंज के जंगल में बाघिन एसटी-17 ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. यह पल पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बन गया है और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में नई उम्मीद जगाता है. शावक मां के साथ खेलते और घूमते दिख रहे हैं जिससे जंगल की जिंदगी और जीवंत लग रही है.
कैमरा ट्रैप ने खोला अनमोल राज
वन विभाग की टीम ने कैमरा ट्रैप लगाकर इस खुशी के पल को हमेशा के लिए कैद कर लिया. वीडियो में बाघिन एसटी-17 अपने तीनों शावकों के साथ बिलकुल साफ नजर आई. बाघिन और शावक दोनों की हर गतिविधि सामान्य है. शावक सक्रिय और ऊर्जावान दिखते हैं.
बाघिन एसटी-17 का दूसरा तोहफा
बाघिन एसटी-17 इससे पहले भी शावकों की मां बन चुकी है. अब दूसरी बार तीन नवजात शावक पैदा करके उसने सरिस्का का बाघ परिवार और मजबूत कर दिया. इन तीन शावकों के जन्म से परियोजना में बाघों की संख्या बढ़ गई है. जंगल अब और समृद्ध लग रहा है और आने वाले सालों में यह परिवार जंगल की रक्षा में अहम भूमिका निभाएगा.
निरंतर निगरानी का आदेश
अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की. बाघ मॉनिटरिंग दल को बाघिन एसटी-17 और उसके तीन शावकों पर हर समय नजर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. सुरक्षा टीम दिन रात जागरूक रहेगी ताकि शावक बिना किसी खतरे के बड़े हो सकें. यह कदम पूरे सरिस्का के बाघ संरक्षण को नई ऊंचाई देगा.
वन मंत्री का सोशल मीडिया संदेश
वन मंत्री ने इस खबर को सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ साझा किया. उन्होंने लिखा कि सरिस्का के लिए यह बेहद खुशी की बात है. बाघिन एसटी-17 तीन शावकों के साथ दिखी है. पोस्ट देखते ही वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई. लोग कमेंट करके बधाई दे रहे हैं और सरिस्का की सफलता पर गर्व जता रहे हैं. सरिस्का में तीन नए शावक जंगल की सेहत का प्रमाण हैं और आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें आने की उम्मीद है.
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