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अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम बैरंग लौटी, ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए मिलीभगत के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक 2 बार प्रशासनिक आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन हर बार पुलिस जाब्ता नहीं मिलने से प्रक्रिया अटक जाती है.

अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम बैरंग लौटी, ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाए मिलीभगत के आरोप
पुलिस के रवैए से नाराज ग्रामीणों का प्रदर्शन.

Jaipur News: जयपुर जिले में अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व टीम को पुलिस जाब्ता नहीं मिला तो बैरंग लौटना पड़ा. सामोद क्षेत्र के गांव फतेहगढ़ में करीब 2 महीने से सार्वजनिक रास्ता बंद है. इसके चलते ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लगातार मिल रही शिकायत के बाद जिला कलेक्टर और चौमूं तहसीलदार ने रास्ता खुलवाने के आदेश भी दिए थे. लेकिन जब राजस्व विभाग की टीम पहुंची तो इसी रास्ते को खुलवाने गई थी. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि सामोद पुलिस की मिलीभगत के चलते पहले भी यह प्रयास असफल रहा था.

आवाजाही प्रभावित, स्कूली बच्चे भी परेशान

दरअसल, अतिक्रमणकारियों ने सार्वजनिक रास्ते के भीतर तारबंदी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर रखा है. इससे क्षेत्र में आवाजाही काफी प्रभावित हो गई है. स्कूली बच्चों को लंबा और वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, वहीं आपात स्थिति में भी भारी दिक्कतें सामने आ रही हैं.

शिकायत मिलने के बाद गिरदावर और पटवारियों की टीम जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. साथ ही सामोद थाना पुलिस को मौके पर सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए थे. पहले से निर्धारित तिथि पर राजस्व टीम तो पहुंची, लेकिन पुलिस की टीम मौके पर नहीं थी.

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2 बार जारी हो चुके हैं आदेश

ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता खुलवाने को लेकर अब तक 2 बार प्रशासनिक आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन हर बार पुलिस जाब्ता नहीं मिलने से प्रक्रिया अटक जाती है. ग्रामीणों ने कहा, "उन्होंने गोविंदगढ़ के उप अधीक्षक राजेश जांगिड़ और सामोद थाना प्रभारी गोपीचंद को आदेशों की कॉपी सौंपी थी. बावजूद इसके, पुलिस दोनों बार मौके पर नहीं पहुंची. पटवारी रिपोर्ट के बाद अतिक्रमणकारियों ने जानबूझकर रास्ते में सरसों की फसल बो दी, ताकि कार्रवाई रोकी जा सके. फसल से जुड़ी रिपोर्ट राजस्व विभाग का विषय है, लेकिन पुलिस द्वारा मौके पर शासकीय फसल होने की रिपोर्ट देना संदेह पैदा करता है."

पुलिस ने कही सरसों की खड़ी फसल होने की बात

आक्रोशित ग्रामीणों ने फतेहगढ़ गांव में विरोध प्रदर्शन किया और सामोद थाना पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर तहसीलदार के आदेशों की जल्द पालना नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. वहीं, गोविंदगढ़ पुलिस उप अधीक्षक राजेश जांगिड़ ने बताया कि सामोद थाना प्रभारी द्वारा रास्ते में सरसों की खड़ी फसल होने की रिपोर्ट दी गई है. इसी कारण फिलहाल पुलिस जाप्ता उपलब्ध नहीं कराया गया.

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