
Tying Bird to Birds: कुछ कर गुरजने की चाहत हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है. ऐसा कारनामा झालावाड़ के जिला प्रशासन ने कर दिखाया. भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के पीने के पानी की उचित व्यवस्था के लिए सम्पूर्ण जिले में वृहद स्तर पर अभियान चलाकर परिण्डे बांधने का बीड़ा उठाया. इसके लिए जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में जिले में सभी ग्राम पंचायतों सहित विभिन्न स्थानों पर लगभग 17,707 परिण्डे बांधे गए. जिले में इस अभियान की शुरुआत पुलिस ट्रेनिंग स्कूल से की गई.
पक्षियों के पानी पीने की व्यवस्था
जहां पीटीएस के महिला और पुरुष जवानों द्वारा परिण्डे बांधे गए. इस दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते तापमान को देखते हुए बेजुबान पक्षियों के पीने के पानी के लिए सम्पूर्ण जिले में जनसहयोग से परिण्डे बांधने का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस कार्य में जिले की विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है. साथ ही इस कार्य को नियमित रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि परिण्डे बांधने के साथ इनमें नियमित रूप से पानी भरने की जिम्मेदारी भी संबंधित लोगों को दी गई है, ताकि इस पुण्य कार्य को सफलता मिल सके और पक्षियों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके.

बांधे गए 17 हजार से अधिक परिण्डे
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वह अपने घरों के बाहर एक परिण्डा अवश्य बांधे और पौधारोपण कर झालावाड़ को सघन वृक्षों के क्षेत्र के रूप में विकसित करने में सहयोग करें. इसके लिए जिलेभर में जनजातीय आवासीय विद्यालय, शगुन ग्रीन सिटी, मिनी सचिवालय परिसर, एसआरजी चिकित्सालय परिसर, विभिन्न राजकीय कार्यालयों सहित सम्पूर्ण 254 ग्राम पंचायतों में भी परिण्डे बांधे गए. जिसकी मॉनिटरिंग जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भूदयाल मीणा की ओर से जिलेभर में 17 हजार 707 परिंडे बांधकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया.
नियमित पानी भराने की जिम्मेदारी
अब जिला परिषद पूरे मामले में मॉनिटरिंग कर रहा हे ताकि सभी परिण्डो को पानी रोजाना डाला जाए इसके लिए ग्रुप में फोटो समय के साथ मगवाए जा रहे हैं. जिससे बेजूबानों को गर्मी में प्यासा न रहना पड़े.
ये भी पढ़ें- डीग के जलमहल क्यों खोने लगे हैं अपना अस्तित्व, प्रशासन की उदासीनता से मडराने लगा है ये संकट