Rajasthan News: राजस्थान के करौली जिले में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. ऑपरेशन शिकंजा नाम की विशेष मुहिम के तहत 10 साल से फरार चल रहे कुख्यात डकैत दीवान उर्फ देवाना गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया. यह डकैत धौलपुर के घने जंगलों में छिपा हुआ था जहां से पुलिस ने घेराबंदी करके उसे दबोचा. आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह कई सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था.
एसपी लोकेश सोनवाल की विशेष टीम का कमाल
पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल की भूमिका इस गिरफ्तारी में सबसे महत्वपूर्ण रही. उन्होंने खुद इस अभियान की कमान संभाली और एक विशेष टीम बनाई. टीम का मकसद था ऐसे इनामी अपराधियों को पकड़ना जो लंबे समय से भाग रहे थे. एसपी के निर्देश पर टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की.
सूरौठ थानाधिकारी सोहन सिंह गुर्जर ने उत्कृष्ट नेतृत्व और सतर्कता का परिचय देते हुए धौलपुर के डांग क्षेत्र में तीन दिन तक कैंप कर विशेष निगरानी रखी. मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाबू बाबा की दौज के अवसर पर फरार अपराधी के क्षेत्र में आने की संभावना है, जो लंबे समय से राजस्थान से बाहर छिपा हुआ था. सूचना को गंभीरता से लेते हुए की गई रणनीतिक तैनाती के चलते पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली.
2016 की सनसनीखेज डकैती का मुख्य सरगना
दीवान गुर्जर सुखपुरा गांव का रहने वाला है जो थाना कंचनपुर जिला धौलपुर का निवासी है. वह 2016 में करौली जिले में हुई एक बड़ी डकैती का मुख्य आरोपी था. उसने अपने 7 साथियों के साथ मिलकर कृष्णा सोनी के घर पर हमला किया. परिवार को बंधक बनाया हथियारों से मारपीट की और सोने-चांदी के जेवरात लूट लिए.
इस मामले में 7 साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे लेकिन दीवान गुर्जर फरार था. उसके खिलाफ डकैती लूट मारपीट जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. भारतीय दंड संहिता की धारा 457 380 395 458 सहित अन्य धाराओं में मामले हैं.
पूछताछ से खुल सकते हैं और राज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से सख्त पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इससे अन्य अपराधों और साथियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है. आरोपी को कोर्ट में पेश करके रिमांड लिया जाएगा. दीवान गुर्जर की वजह से इलाके में लोगों में डर का माहौल था लेकिन अब पुलिस की इस कार्रवाई से राहत मिलेगी. ऑपरेशन शिकंजा के तहत करौली पुलिस संगठित अपराधियों और माफियाओं पर लगातार नकेल कस रही है.
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