
Kota Suicide: कोचिंग सिटी के नाम से मशहूर कोटा में शासन-प्रशासन की ओर से कोचिंग छात्रों के आत्महत्या को रोकने के लिए काफी प्रयास भी हो रहे हैं, लेकिन स्टूडेंट के सुसाइड करने के मामले थम नहीं रहे हैं. इस साल अब तक कोटा में कुल 10 कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या कर ली. मार्च महीने के आखिरी दिन जेईई की तैयारी करने वाले छात्र के सुसाइड का मामला सामने आया है. छात्र का 2 अप्रैल को जेईई-मेन का एग्जाम था, इससे पहले ही उसने जान दे दी.
लखनऊ में छात्र की थी परीक्षा
जानकारी के मुताबिक, यूपी के कानपुर निवासी उज्ज्वल मिश्रा (18) ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर कथिर तौर पर आत्महत्या कर ली. पुलिस उपाधीक्षक (जीआरपी-कोटा) शंकर लाल ने बताया कि उज्ज्वल मिश्रा को लखनऊ जाना था, जहां वह 2 अप्रैल को जेईई-मेन (JEE Main) में शामिल होने वाला था.
ट्रेन के पटरियों पर लेटा
उज्ज्वल कोटा में एक कोचिंग संस्थान में जेईई की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर इलाके में एक छात्रावास में रहता था. रविवार को लड़का शाम करीब साढ़े छह बजे अपने हॉस्टल के कमरे से निकला और कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचा. उसने ट्रेन को आते देखा तो वह पटरियों पर लेट गया और शाम करीब सात बजे ट्रेन के नीचे आ गया.
पायलट ने घटना के बारे में तुरंत राजकीय रेलवे पुलिस को सूचित किया और कहा कि वह तेज गति के कारण समय पर ट्रेन को रोकने में असमर्थ था. लड़के के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ.
परीक्षा को लेकर था परेशान
अपने बेटे का शव लेने के बाद शवगृह के बाहर मौजूद पिता ने कहा कि उज्ज्वल एक औसत छात्र था. उसने कभी नहीं बताया कि वह परेशानी में है और न ही उसने किसी तरह की परेशानी दिखाई. रविवार शाम को उज्ज्वल ने अपने सहपाठी (जो उसके सामने वाले हॉस्टल में रहता है) से बात की और बताया कि वह दो अप्रैल की परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है.
3 महीने में 10 छात्रों ने किया सुसाइड
कोचिंग हब के रूप में मशहूर कोटा में इस साल छात्रों द्वारा की गई आत्महत्या की यह दसवीं घटना है. अकेले जनवरी में ही छह कोचिंग छात्रों (पांच जेईई और एक नीट अभ्यर्थी) ने आत्महत्या कर ली. वर्ष 2024 में कोटा में 17 कोचिंग छात्रों की आत्महत्या से मौत हुई, जबकि 2023 में यह संख्या 26 थी.
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