
Chambal River front Kota: राजस्थान में इन दिनों पर्यटकों का जमावड़ा है. जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, उदयपुर, रणथंबोर, सहित प्रदेश के कई टूरिस्ट पैलेस इन दिनों सैलानियों से गुलजार है. राजस्थान के पर्यटन को नई दिशा देने वाली राज्य की 'नई पर्यटन नीति' से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को भरपूर फायदा मिल रहा है.

सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है रिवर फ्रंट
इन दिनों कोटा शहर का चंबल रिवर फ्रंट (Chambal River front) सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है. रिवर फ्रंट पर इन दोनों हजारों लोग हर रोज जुट रहे हैं. चंबल रिवर फ्रंट' चम्बल नदी के दोनों ओर विकसित किया गया है. यहां देश और दुनिया की खूबसूरत संस्कृति और आधुनिकता से साथ हेरिटेज का संगम बखूबी देखा जा सकता हैं.

'चम्बल रिवर फ्रंट' पर हजारों की तादाद में सैलानी उमड़ रहे हैं.
राजस्थान में साल 2023 के सितंबर माह में चंबल रिवर फ्रंट बनकर तैयार हुआ था. चंबल रिवर फ्रंट प्रदेश का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन है. यह लगभग 1,445 करोड़ रुपए की लागत से बना है. कोटा में चंबल नदी के दोनों किनारों पर मौजूद है. सितंबर माह से अब तक चार लाख लोग चंबल रिवर फ्रंट की खूबसूरत यादें समेट कर ले गए हैं. और लगातार सैलानियों के आने का सिलसिला जारी है.

ररत में रिवर फ्रंट किसी विदेशी शहर की तरह सुन्दर नजर आता है.
चंबल रिवर फ्रंट रात के वक्त शानदार रोशनी में किसी वर्ल्ड वंडर की तरह नजर आता है. यह फ़्रट बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है. पहले राजस्थान को झीलों, रेगिस्तान, किले, हवेलियों के रूप से जाना जाता था. लेकिन अब चंबल रिवर फ्रंट राजस्थान भी राजस्थान के पर्यटन में नई दिशा दे रहा हैं.

कोटा चम्बल रिवर फ़्रंट पर बनी आकर्षक मूर्ति के सामने फोटो खिंचवाता युवक.
दुनियाभर के पर्यटन यहा पंहुचकर खासे उत्साहित हो जाते है. चम्बल रिवर फ़्रंट पर सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र फाउंटेन शो और लेजर शो हैं. जो टूरिस्ट को खासा पसंद आता है. यहां की आकर्षक मूर्तियों के सामने खड़े होकर लोग फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं.
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