
Rajasthan News: सितंबर आते ही देश में त्योहारों का दौर शुरू हो जाता है. इसी बीच राजस्थान के जयपुर में पुष्य नक्षत्र के विशेष योग पर पंचामृत अभिषेक के साथ ही श्री मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में जन्मोत्सव शुरू हो गया है. महंत कैलाश शर्मा ने गणेशजी का दूध, दही और घी से अभिषेक किया. भगवान गणेश का 251 किलो दूध, 25 किलो बूरा, 50 किलो दही, 11 किलो शहद और 11 किलो घी से अभिषेक किया गया है. साथ ही गुलाब जल, केवड़ा जल और इत्र से भी अभिषेक किया गया. मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर 501 महिलाएं मोती डूंगरी तक कलश यात्रा लेकर आई हैं. अभिषेक के बाद भक्तों को रक्षा सूत्र और हल्दी प्रसाद निःशुल्क दिया गया. भगवान श्री का ध्वज पूजन हुआ और मन्दिर में नया ध्वज चढ़ाया गया. श्रीगणेश जी को 1008 लड्डू चढ़ाए गए.
श्रीगणेश को चांदी से बना मुकुट पहनाया
जन्मोत्सव के शुभारंभ पर भगवान श्रीगणेश को चांदी से बना 5.9 किलो ग्राम का रत्न जड़ित मुकुट भी पहनाया गया. यह मुकुट जयपुर में सालभर में तैयार हुआ है. संगीत समारोह की शुरुआत ध्रुवपद गायन से हुई. ध्रुवपदाचार्य पद्मश्री पंडित लक्ष्मण भट्ट तैलंग की शिष्या और उनके शिष्य मंडली ने लगभग तीन घंटे तक ध्रुवपद की पारंपरिक गायकी प्रस्तुत की. मधु ने ध्रुवपद की स्वरचना गणपति राज आओ आना पड़ेगा.. सूरताल में सुनाई.
वार के दिन के हिसाब से सजेगी झांकिया
मंदिर में भक्तों की ओर से 11, 21, 108 लड्डू चढ़ाने का सिलसिला जारी है. 5 सितंबर तक जयपुर और देशभर से आए भक्त 5 हजार से अधिक लड्डू चढ़ा देंगे. पहली बार जन्मोत्सव पर हर दिन के हिसाब से झांकी सजेगी. जैसे रविवार को 56 भोग, सोमवार को ड्राइफूट्स, फल और मंगलवार को दुर्वा और केले के पत्ते रहेंगे. आज शाम सात बजे कत्थक की प्रस्तुति होगी. मंदिर के गर्भगृह के बाहर सोने की परत चढ़ाने का काम अपने अंतिम चरण पर है. 8 सितंबर को शोभायात्रा में अलग-अलग समाजों की झांकी खास रहेगी. इससे समाज में एकजुटता का संदेश दिया जाएगा.
यह भी पढ़ें- नाबालिग के साथ 3 साल से कर रहे थे सामूहिक दुष्कर्म, नहाने का वीडियो बनाकर कर रहे थे ब्लैकमेल