Rajasthan News: नागौर के मेड़ता में सोमवार को किसानों की महापंचायत हुई. जिसमें 12 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में आसपास के गांव के किसान पहुंचे. महापंचायत के बीच स्थानीय प्रशासन से किसान यूनियन के प्रतिनिधियों की वार्ता सफल नहीं होने पर किसान महापंचायत धरने में बदल गई. जानकारी के अनुसार, किसानों ने 08 जनवरी को अपनी मांगों को लेकर जयपुर कूच का ऐलान किया है.
किसानों की क्या हैं मांगे
दरअसल, अतिवृष्टि के बाद फसल खराबी को लेकर जहां 57 गांव का चयन किया गया था. उनके अलावा 74 गांव वंचित रखे गए. इसी लेकर फसल खराबे में शामिल कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की बात हो रही है. इसको लेकर सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया. पुष्कर मेड़ता रेलवे लाइन विस्तार के दौरान भूमि अधिग्रहण किए जाने में डीएलसी रेट पर भूमि अधिग्रहीत करने की बात को लेकर भी किसानों के मन में नाराजगी है.

एसडीएम सूर्यकुमार ने कहा कि आज महापंचायत के दौरान यहां उपस्थित किसान यूनियन के नेताओं व प्रतिनिधियों द्वारा वार्ता में अपनी समस्याओं को रखा, जिसे लेकर उनके द्वारा की जा रही विभिन्न मांगों को देखते हुए और उनके ज्ञापन को प्रदेश सरकार तक पहुंचाने की बात कही है.
08 जनवरी को जयपुर कूच की घोषणा
इसका निर्णय प्रदेश सरकार के स्तर पर किया जाना है. किसानों द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों से प्रदेश सरकार को अवगत कर दिया गया है. महापंचायत के बाद किसान यूनियन के पदाधिकारी द्वारा अपनी मांगों को लेकर 8 जनवरी को ट्रैक्टरों पर सवार होकर जयपुर जाने की बात सामने आई है. इसको लेकर प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए और इसी के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
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