राजस्थान में तीन विधायकों के कथित स्टिंग ऑपरेशन मामले में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बाद सियासत गरमा गई है. बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा के बचाव में दिए बयान पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने राठौड़ को घेरा. प्रताप सिंह ने कहा कि मदन राठौड़ जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे साफ हो जाता है कि भ्रष्टाचार और भाजपा एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि अब इस मामले में भाजपा विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में एक विधायक कांग्रेस का है और एक निर्दलीय है, जबकि सरकार भाजपा की है. ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करे. प्रताप सिंह ने मदन राठौड़ के इस मामले की तुलना कसाब से किए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह तुलना उन्हें बिल्कुल भी उचित नहीं लगती.
नई स्क्रैप पॉलिसी पर भी बोला हमला
पूर्व मंत्री ने भाजपा सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा, "प्रदेश में जो नई स्क्रैप पॉलिसी लाई गई है. गाड़ियों पर 1 लाख रुपए तक की छूट दी जा रही है. इससे साफ है कि यह नीति केवल आम आदमी की कमर तोड़ने और बड़ी-बड़ी गाड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है. भाजपा के पास हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोगों का ध्यान भटकाने के अलावा कोई ठोस योजना नहीं है."
खाचरियावास बोले- हम राम के वंशज, संघर्ष जारी रखेंगे
उन्होंने कहा कि वे राम के वंशज हैं और पहले भी भाजपा के खिलाफ सड़कों पर खड़े थे, आगे भी लड़ते रहेंगे. साथ ही जयपुर कांग्रेस संगठन को लेकर कहा कि जयपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को लेकर कुछ नामों पर मंथन चल रहा है और जल्द ही निर्णय हो जाएगा. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का संगठन और कार्यकर्ता जयपुर में बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं.
बीजेपी कार्यालय में जनसुनवाई पर भी कसा तंज
भाजपा कार्यालय में चल रही जनसुनवाई पर भी प्रताप सिंह ने सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह जनसुनवाई नहीं, बल्कि केवल भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सुनवाई है. आम आदमी की इसमें कोई सुनवाई नहीं होती. उन्होंने कहा कि इसका नाम कार्यकर्ता सुनवाई कर देना चाहिए, ताकि जनता में किसी तरह का भ्रम न रहे.
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