Rajasthan News: राजस्थान में करीब 20 लाख लोगों की पेंशन रुक जाने की खबर सामने आई थी. जिसके बाद सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने राज्य के सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों से तुरंत वार्षिक सत्यापन कराने की गुजारिश की है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पेंशनधारक की पेंशन स्थायी रूप से बंद नहीं की गई है. अगर सत्यापन न होने की वजह से पेंशन अस्थायी तौर पर रोकी गई तो सत्यापन पूरा होते ही वह फिर से शुरू हो जाएगी. बता दें कि प्रदेश में कुल 71 लाख 46 हजार 713 पेंशन लाभार्थी हैं. इनमें से 20.36 लाख लाभार्थियों का वार्षिक सत्यापन नहीं हो पाया. जिसके कारण उनकी पेंशन बंद कर दी गई. ये सभी कुल लाभार्थियों का करीब 22 प्रतिशत है.
जानें सत्यापन की जरूरत और समयसीमा
जानकारी के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत सभी लाभार्थियों को हर वर्ष अपना भौतिक सत्यापन कराना जरूरी होता है. यह प्रक्रिया 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक चलती है. अगर इस दौरान सत्यापन नहीं कराया जाता तो पेंशन का भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जा सकता है. लेकिन जैसे ही सत्यापन पूरा होता है रुकी हुई पेंशन तुरंत चालू हो जाती है.
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कदम केवल योग्य लोगों तक पेंशन पहुंचाने के लिए है जिससे फर्जी लाभार्थियों को रोका जा सके और सही हकदारों को फायदा मिले.
घर से सत्यापन की सुविधा, मोबाइल ऐप से फेस रिकग्निशन
लाभार्थी अब घर बैठे ही सत्यापन कर सकते हैं. एंड्रॉयड मोबाइल पर 'राजस्थान सोशल पेंशन एंड आधार फेस आरडी' ऐप डाउनलोड करके फेस रिकग्निशन के जरिए आसानी से प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. यह तरीका बिल्कुल मुफ्त है और लाभार्थी को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ती. अगर कोई बाहर जाना चाहे तो ई-मित्र कियोस्क पर फिंगर प्रिंट से सत्यापन करा सकता है जहां 50 रुपये का शुल्क लगता है.
वहीं ई-मित्र प्लस सेंटर पर यह काम सिर्फ 10 रुपये में हो जाता है. मंत्री ने बताया कि विभाग की कोशिश है कि पेंशनर्स को हर संभव आसानी मिले ताकि वे बिना तनाव के अपनी पेंशन का लाभ उठा सकें. इस सुविधा से बुजुर्ग और असहाय लोग विशेष रूप से लाभान्वित होंगे.
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