
Rajasthan News: भारत-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर पर बसे जैसलमेर के आसमान पर सोमवार को वायुसेना के जांबाजों ने अखिल भारतीय एयर जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत सूर्य किरण एरोबेटिक शो के माध्यम से शौर्य व पराक्रम का साहसिक प्रदर्शन किया. जिला मुख्यालय स्थित डेडानसर मैदान में आयोजित हुए सूर्य किरण एरोबेटिक शो के तहत वायु सेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने हैरतअंगेज करतब दिखाए. इन प्रदर्शनों कों देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए.

आसमान में बनाया तिरंगा
इस कार्यक्रम में वायुसेना के शीर्ष अधिकारी, नागरिक और जिला प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहें. सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के असाधारण कौशल,स व्यावसायिकता और क्षमताओं का प्रदर्शन किया. जिसमें टीम के 9 ट्रेनेड पायलट्स ने सूर्यकिरण के 9 विमान आसमान उड़ाते हुए कई फॉर्मेशन बनाए. इतना ही नहीं इन विमानों से करतब के दौरान देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी बनाया गया, जो आसमान में लहराता हुआ दिखाई दिया.

300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते इन विमानों की आवाज ने हर किसी को रोमांचित किया. तेजी से आसमान में गोते लगाते इन विमानों ने वर्टिकल क्लाइंब व इंट्रीकेट क्रॉसओवर बेरल रॉल्स स्टंट भी किए. इसके अलावा तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग के फॉर्मेशन में भी उड़ान भरी. इतना ही नहीं दो विमानों ने आकाश में हार्ट (दिल) की भी आकृति बनाई. यह देश में सदभाव और प्रेम का प्रतिक था. इसके अलावा सोलो उड़ान और पेयर्स उड़ान का प्रदर्शन भी किया.

वायुसेना का साहसिक प्रदर्शन
सोमवार शाम को जैसलमेर का आसमान करीब आधा घण्टे तक तेज गड़गड़ाहट से साहसिक रंगो में रंग गया. एयर शो में सूर्यकिरण एयरोबेटिक्स टीम ने हैरतअंगेज करतब दिखाए. इस दौरान वायु वीरों के साहसिक प्रदर्शन को देख दर्शक उत्साह के साथ दांतों तले उंगलियां दबाने के मजबूर कर दिया. सूर्यकिरण के 9 हॉक्स विमानों ने वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी. लाल रंग के हॉक्स विमानों को देखकर लोगों ने तालियां बजाई.

दर्शकों के पीछे से सूर्य किरण के हॉक्स विमानों ने एंट्री की और आसमान में तिरंगा बनाया. सूर्यकिरण की एयरोबैटिक टीम ने पहली बार जैसलमेर के डेडानसर मैदान के ऊपर प्रजेंट किया. भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने सोमवार को जैसलमेर के देदानसर मैदान में अपने रंग-बिरंगे करतब दिखाए. सूर्यकिरण के 9 हॉक्स विमानों ने वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी.

आसमान में वायुसेना ने दिखाया करतब
इसके बाद लेफ्ट से विंग कमांडर राजेश की टीम के 2 हॉक्स 1 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए. 2 अन्य हॉक्स ने आमने-सामने होकर एक-दूसरे को क्रॉस किया. तभी लेफ्ट से 5 हॉक्स के बीच से राइट से एक हॉक्स विमान ने क्रॉस कर करतब दिखाए. फिर लेफ्ट साइड से 5 हॉक्स डीएनए फॉरमेशन में आए 3 हॉक्स विमान बीच में रहे और 2 ने तीनों के चक्कर लगाए.

अंत में सभी हॉक्स विमान सामने की ओर से आए और तरंग शक्ति में हिस्सा लेने वालों को एरियल सैल्यूट करते हुए तिरंगा बनाया. तालियों की गड़गड़हाट के साथ पूरा स्टेडियम गूंज उठा. सभी ने एयरफोर्स का हौसला अफजाई किया.
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