
ऐसे तो कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने जन्म किसी देश में लिया है, लेकिन उन्होंने खेला किसी और देश के लिए है, लेकिन बात अगर भारतीय मूल के लोगों की करें, तो ऐसा खिलाड़ी काफी कम देखने को मिलते हैं. राजस्थान के उयदपुर में जन्में विक्रम सिंह सोलंकी उन्हीं खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल है. विक्रम सिंह सोलंकी का जन्म एक अप्रैल 1976 को राजस्थान के उदयपुर में हुआ था. विक्रम सिंह सोलंकी ने जनवरी 2000 में इंग्लैंड के लिए अपना वनडे डेब्यू किया था. उनका यह डेब्यू दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए हुआ था.
विक्रम सिंह सोलंकी की गिनती अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में होती है. लेकिन यह बल्लेबाज इंग्लैंड के लिए कभी वो मुकाम हासिल नहीं कर पाया, जिसकी कई लोगों को उम्मीद थी. विक्रम सिंह 2003 विश्व कप के बाद से इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम से लगभग बाहर हो गए. विक्रम ने अपनी पढ़ाई वॉल्वरहैम्प्टन में पूरी की थी. इसके अलावा उन्होंने 16 साल की उम्र में वॉर्सेस्टरशायर के लिए डेब्यू किया था.
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विक्रम सिंह सोलंकी भले ही 2003 विश्व कप के बाद तस्वीर से बाहर थे, लेकिन उन्होंने काउंटी में रन बनाकर सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था. ऐसे में वो लगातार ड्राप होते और वापस टीम में अपनी जगह बनाते. हालांकि, साल 2007 में सेलेक्टर्स ने अपना धैर्य खो दिया. विक्रम सिंह सोलंकी ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2006 में खेला.
विक्रम सिंह सोलंकी ने अपने 6 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए कुल 51 वनडे खेले जिसमें उन्होंने 26.75 की औसत से 1097 रन बनाए. उन्होंने वनडे में दो शतक और 5 अर्द्धशतक भी लगाए. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड के लिए तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी खेले, जिसमें उन्होंने 25.33 की औसत से रन बनाए.
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विक्रम सिंह का नाम वनडे इतिहास के पहले सुपर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी खिलाड़ी के रूप में दर्ज है. विक्रम 2005 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान सुपर सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर उतरे थे.भले ही विक्रम का अंतरराष्ट्रीय करियर उनका बड़ा ना रहा हो, जितनी लोगों को उम्मीद था, लेकिन दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया.
विक्रम सिंह ने 325 फर्स्ट क्लास मैचों की 546 पारियों में 35.78 की औसत से 18359 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 34 शतक और 98 अर्धशतक आए. इसके अलावा उन्होंने लिस्ट ए के खेले 402 मुकाबलों में 11045 रन बनाए.
साल 2006-2207 में रणजी ट्राफी में राजस्थान की ओर से खेलने वाले विक्रम सिंह ने साल 2018 में सर्रे के मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद उन्होंने आईपीएल का रूख किया था, जहां उन्होंने 2018 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के सहायक कोच का पद स्वीकार किया था. इसके अलावा उन्होंने 2022 आईपीएल चैंपियन गुजरात टाइटंस के लिए निदेशक का पद संभाला था.
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