-
ब्लॉग राइटर
ब्लॉग राइटर
-
न्याय से पहले तय हो- न्याय की ‘डेडलाइन’
अदालतों से ये अपेक्षा तो रहेगी ही कि वो सबकी आसान पहुँच में हों और संवेदनशील हों. किसी भी पेशे में निष्णात होकर निस्वार्थ होना और सबके समय की क़ीमत समझना, दुर्लभ गुण है.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[author_byline] =>
[author_byline_detail] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- अगस्त 28, 2025 07:42 am IST
-
-
फ़िज़ूलखर्ची: आख़िर, अफ़सरों को भी अखरी?
सरदार पटेल ने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को ‘स्टील फ़्रेम’ कहा था जो देश को बाँधे रखने के लिए, बिना निजी स्वार्थ के, बिना पक्षपात, बिना भ्रष्ट आचरण और बिना किसी ईनाम और अपेक्षा के काम करेंगे. आज इसी नौकरशाही को अपने ही तंत्र से ढेरों शिकायत हैं.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[author_byline] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- जुलाई 14, 2025 12:29 pm IST
-
-
सरकारी स्कूलों को पछाड़ने की साज़िश
प्राथमिक कक्षाओं से 1.9%, उच्च प्राथमिक से 5.2% और सेकेंडरी लेवल से 14.1% बच्चे हर साल पढ़ाई छोड़ रहे हैं.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- मई 23, 2025 16:31 pm IST
-
-
पानी से ही सिंचेगा विकास का पौधा
गर्मी के शुरू होते ही एक बार फिर राजस्थान में पानी की क़िल्लतों की कहानियाँ सामने आने लगी हैं.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- अप्रैल 30, 2025 14:27 pm IST
-
-
फिर गढ़े जाएँ ‘गाँव’
बरसों से उपेक्षा का शिकार रहे गाँवों की तस्वीर बदलने को लेकर गंभीर चिंतन और ईमानदार प्रयास की ज़रूरत है.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- अप्रैल 11, 2025 19:05 pm IST
-
-
सरकारी स्कूलों से ही मज़बूत होगी शिक्षा की नींव
वो दौर ज़्यादा पुराना नहीं, जब सरकारी स्कूलों की हैसियत वही थी, जो आज अच्छी पढ़ाई और माहौल देने वाले निजी स्कूलों की है. धीरे-धीरे हम उस ओर पहुँच गए, जहाँ सरकारी कॉलेजों में तो मुफ्त या किफायती पढ़ाई के लिए दाखिले की होड़ जारी रही, लेकिन सरकारी स्कूल ख़स्ताहाल हो गए.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- फ़रवरी 05, 2025 18:35 pm IST
-
-
जनसेवा में एक जाजम पर बैठने वालों की ज़रूरत
‘VIP कल्चर’ हमारी संस्कृति है ही नहीं. लोकतंत्र में लोक से परे कोई नहीं. जो भी निस्वार्थ भाव से काम करने की सोच से आगे बढ़ रहा है, असली सत्ता उसी की है, लोगों का प्रिय भी वही बना रहेगा.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- अक्टूबर 15, 2024 12:20 pm IST
-
-
अजमेर हो या कहीं और - कब रुकेगा दुष्कर्म और दरिंदगी का दौर
महिला अपराधों में राजस्थान अव्वल ही नहीं, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र और राष्ट्रीय औसत से कई पायदान आगे है.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- सितंबर 15, 2024 18:19 pm IST
-
-
कैसा हो बजट का ‘जेंडर’ पहनावा?
बजट महिलाओं के सदियों पुराने घावों पर लगाई जाने वाली मरहमपट्टी भर नहीं है, बल्कि समाज के उसूलों को नया सिरा थमाने का जरिया भी है.
-
Array
(
[written_by] =>
[reported_by] =>
[authored_by] =>
[translators] =>
[interview] =>
[by_line] => Array
(
[id] => 29043
[byline] => Dr. Shipra Mathur
[designation] =>
[info] =>
[by_line_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] => https://www.facebook.com/kshipramathur/
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] => जयपुर स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं जिन्होंने मीडिया और अध्यापन में तीन दशकों से सक्रिय हैं. अपने लेखन और वक्तव्यों में उन्होंने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक विषयों को उठाया है, जिनमें समाज के उपेक्षित तबकों और उनके मुद्दों की विशेष रूप से चर्चा की गई है. भारत के चुनाव आयोग ने उन्हें नेशनल मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया है. वर्तमान में वह स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ जयपुर की एक यूनिवर्सिटी से बतौर सलाहकार संबद्ध हैं.
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] => https://c.ndtvimg.com/2024-07/4q03khjg_dr-shipra-mathur_120x90_09_July_24.jpeg
)
)
[hindiname] => डॉ. क्षिप्रा माथुर
)
[source_detail] => Array
(
[id] => 1
[source] => NDTV
[designation] =>
[info] =>
[source_info] => Array
(
[1] => Array
(
[key] => description
[value] =>
)
[2] => Array
(
[key] => twitter
[value] =>
)
[3] => Array
(
[key] => website
[value] =>
)
[4] => Array
(
[key] => facebook
[value] =>
)
[6] => Array
(
[key] => hindiname
[value] => NDTV
)
[7] => Array
(
[key] => hindidesignation
[value] =>
)
[8] => Array
(
[key] => hindidescription
[value] =>
)
[9] => Array
(
[key] => thumbnail
[value] =>
)
)
[hindiname] => NDTV
)
)
-
डॉ. क्षिप्रा माथुर
- जुलाई 09, 2024 18:15 pm IST
-