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ब्लॉग राइटर
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गुरुकुल में स्वस्थ क्रांति के सूत्र
सरकार ने स्वदेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 2022 में ‘भारतीय शिक्षा बोर्ड’ बनाया जिसका दायित्व ‘पतंजलि योगपीठ’ को सौंपा गया. इसके ज़रिए विद्यालय, गुरु-शिष्य परंपरा और गुरुकुल तीनों को मान्यता दी जा रही है.
- मार्च 31, 2026 16:42 pm IST
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जीडीपी में बेटियों का भी योगदान, कैसे होगी पहचान?
भारत में महिलाओं की मेहनत कुल जीडीपी की 15-17% के बराबर आँकी गई है. ये तब है, जब घर-परिवार में उसके योगदान नहीं गिने जा रहे और दूसरी ओर बात ये कि गिने भी कैसे जाएं?
- जनवरी 06, 2026 17:09 pm IST
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सिर पर पल्लू वाली नई ‘अधिकारी’ और नई सीख
ये सिर्फ़ कहानियाँ नहीं, ग्रामीण अंचल में पनप रहा साहस है, धरातल की वास्तविकता है और लगातार सुधार की ओर बढ़ रही कर्मशील-चिंतनशील पीढ़ी है. जिसमें युवतियां-महिलाएं आगे की पंक्ति में हैं.
- दिसंबर 01, 2025 17:39 pm IST
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इतने परेशान क्यों हो रहे हैं बच्चे?
माता पिता ख़ुद भी तय नहीं कर पा रहे कि आख़िर बच्चों को कैसे समझें, क्या समझायें? कितना डाँटें, कितना दुलार करें? कितनी छूट दें, कितनी लगाम लगायें?
- नवंबर 08, 2025 15:49 pm IST
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व्यवस्था की रग-रग में समाई 'वसूली'
पिछले साल के मुक़ाबले, अब तक देश में रजिस्टर होने वाली नई कंपनियों में 24 फ़ीसदी का उछाल, भारत का ऊँचा होता मस्तक है. मगर, व्यवस्था की रग-रग में बसा लालच, इसे झुकाने पर आमादा है.
- सितंबर 23, 2025 14:21 pm IST
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न्याय से पहले तय हो- न्याय की ‘डेडलाइन’
अदालतों से ये अपेक्षा तो रहेगी ही कि वो सबकी आसान पहुँच में हों और संवेदनशील हों. किसी भी पेशे में निष्णात होकर निस्वार्थ होना और सबके समय की क़ीमत समझना, दुर्लभ गुण है.
- अगस्त 18, 2025 14:34 pm IST
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फ़िज़ूलखर्ची: आख़िर, अफ़सरों को भी अखरी?
सरदार पटेल ने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को ‘स्टील फ़्रेम’ कहा था जो देश को बाँधे रखने के लिए, बिना निजी स्वार्थ के, बिना पक्षपात, बिना भ्रष्ट आचरण और बिना किसी ईनाम और अपेक्षा के काम करेंगे. आज इसी नौकरशाही को अपने ही तंत्र से ढेरों शिकायत हैं.
- जुलाई 14, 2025 12:29 pm IST
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सरकारी स्कूलों को पछाड़ने की साज़िश
प्राथमिक कक्षाओं से 1.9%, उच्च प्राथमिक से 5.2% और सेकेंडरी लेवल से 14.1% बच्चे हर साल पढ़ाई छोड़ रहे हैं.
- मई 23, 2025 16:31 pm IST
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पानी से ही सिंचेगा विकास का पौधा
गर्मी के शुरू होते ही एक बार फिर राजस्थान में पानी की क़िल्लतों की कहानियाँ सामने आने लगी हैं.
- अप्रैल 30, 2025 14:27 pm IST
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फिर गढ़े जाएँ ‘गाँव’
बरसों से उपेक्षा का शिकार रहे गाँवों की तस्वीर बदलने को लेकर गंभीर चिंतन और ईमानदार प्रयास की ज़रूरत है.
- अप्रैल 11, 2025 19:05 pm IST
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सरकारी स्कूलों से ही मज़बूत होगी शिक्षा की नींव
वो दौर ज़्यादा पुराना नहीं, जब सरकारी स्कूलों की हैसियत वही थी, जो आज अच्छी पढ़ाई और माहौल देने वाले निजी स्कूलों की है. धीरे-धीरे हम उस ओर पहुँच गए, जहाँ सरकारी कॉलेजों में तो मुफ्त या किफायती पढ़ाई के लिए दाखिले की होड़ जारी रही, लेकिन सरकारी स्कूल ख़स्ताहाल हो गए.
- फ़रवरी 05, 2025 18:35 pm IST
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जनसेवा में एक जाजम पर बैठने वालों की ज़रूरत
‘VIP कल्चर’ हमारी संस्कृति है ही नहीं. लोकतंत्र में लोक से परे कोई नहीं. जो भी निस्वार्थ भाव से काम करने की सोच से आगे बढ़ रहा है, असली सत्ता उसी की है, लोगों का प्रिय भी वही बना रहेगा.
- अक्टूबर 15, 2024 12:20 pm IST
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अजमेर हो या कहीं और - कब रुकेगा दुष्कर्म और दरिंदगी का दौर
महिला अपराधों में राजस्थान अव्वल ही नहीं, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र और राष्ट्रीय औसत से कई पायदान आगे है.
- सितंबर 15, 2024 18:19 pm IST
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कैसा हो बजट का ‘जेंडर’ पहनावा?
बजट महिलाओं के सदियों पुराने घावों पर लगाई जाने वाली मरहमपट्टी भर नहीं है, बल्कि समाज के उसूलों को नया सिरा थमाने का जरिया भी है.
- जुलाई 09, 2024 18:15 pm IST
डॉ. क्षिप्रा माथुर
डॉ. क्षिप्रा माथुर
डॉ. क्षिप्रा माथुर
डॉ. क्षिप्रा माथुर