Rajasthan News: राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने एक बड़े रेलवे घोटाले में सख्त कदम उठाते हुए 2.67 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कर ली हैं. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट यानी PMLA 2002 के तहत की गई है.
मामला विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड विनायक लॉजिस्टिक्स और उनके मालिक प्रवेश काबरा से जुड़ा है जिन्होंने भारतीय रेलवे को करोड़ों का चूना लगाया. ED की जयपुर जोनल टीम ने इस धोखाधड़ी को उजागर किया है जो रेलवे की कमाई और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने वाली साजिश थी.
CBI की FIR से शुरू हुई जांच
यह पूरा मामला CBI की स्पेशल पुलिस यूनिट जयपुर द्वारा दर्ज तीन FIR पर आधारित है. CBI ने गहन जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सोची-समझी साजिश रची. उन्होंने मार्बल पाउडर वेस्ट मार्बल पाउडर और डोलोमाइट जैसी भारी माल वाली चीजों को फिटकरी पाउडर और पुट्टी जैसी हल्की चीजों के नाम से बुकिंग की. इसका एकमात्र उद्देश्य था फ्रेट चार्ज कम करके अवैध लाभ कमाना.
इस हेराफेरी से रेलवे के फ्रेट चार्ज और GST में भारी चोरी हुई जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान पहुंचा. ED ने पाया कि यह धोखा लंबे समय से चल रहा था और कंपनियों ने रिकॉर्ड में लगातार छेड़छाड़ की ताकि सस्ते रेट का फायदा उठा सकें.
16 करोड़ की अवैध कमाई का खुलासा
जांच में सामने आया कि इस घोटाले से कंपनियों को 16.15 करोड़ रुपये का अवैध लाभ हुआ जिसे अपराध से प्राप्त आय यानी POC माना गया है. यह पैसा सीधे प्रवेश काबरा के व्यक्तिगत बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया.
इससे साफ जाहिर होता है कि उनका मकसद था इस काली कमाई को छिपाना और उसका इस्तेमाल करना. ED ने PMLA के तहत आगे जांच की तो पता चला कि इस POC को मनी लॉन्डरिंग के जरिए घुमाया गया. इसका उपयोग महंगी संपत्तियां खरीदने और निजी व कारोबारी खर्चों में किया गया.
गुरुग्राम की संपत्तियां जब्त
जब्त की गई संपत्तियों में हरियाणा के गुरुग्राम में एक चार मंजिला व्यावसायिक इमारत और एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति शामिल है जिनकी कुल कीमत 2.67 करोड़ रुपये है. फाइनेंशियल जांच से साबित हुआ कि इनकी पूरी खरीदारी काबरा के व्यक्तिगत बैंक खाते से की गई जो POC का मुख्य स्रोत और भंडार था.
ED का कहना है कि यह कार्रवाई आर्थिक अपराधों पर नकेल कसने का हिस्सा है. इसका मकसद है कि अपराधी अवैध संपत्तियों को न रख सकें न उनका फायदा उठा सकें. जांच अभी जारी है जिसमें मनी लॉन्डरिंग में शामिल अन्य संपत्तियां और लोग चिन्हित किए जा रहे हैं.
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