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This Article is From Nov 21, 2025

Rajasthan: 'होटल को फायदा पहुंचाने के लिए बुलडोजर एक्शन', जयपुर में विरोध के बाद निगम टीम लौटी! अधिकारियों ने दिया ये जवाब

Bulldozer Action in Jaipur: जयपुर आदर्श नगर में अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई 'होटल को फायदा' देने के आरोपों पर रुक गई. उपायुक्त ने बताया कि यह मालिक की अंडरटेकिंग पर शुरू हुई थी, लेकिन किराएदारों की आपत्ति के कारण स्थगित हुई.

Rajasthan: 'होटल को फायदा पहुंचाने के लिए बुलडोजर एक्शन', जयपुर में विरोध के बाद निगम टीम लौटी! अधिकारियों ने दिया ये जवाब
'होटल को फायदा पहुंचाने' के आरोप पर बुलडोजर एक्शन रुका, निगम उपायुक्त ने खोला ये बड़ा राज
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के आदर्श नगर इलाके में शुक्रवार सुबह नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की, जिस पर विवाद खड़ा हो गया. एक निर्माण को ध्वस्त करने के बाद स्थानीय लोगों के विरोध के कारण टीम को लौटना पड़ा. लोगों ने निगम पर एक निजी होटल को लाभ पहुंचाने का सनसनीखेज आरोप लगाया. हालांकि, निगम उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई स्वयं भवन मालिक की 'अंडरटेकिंग' पर आधारित थी और किराएदारों की आपत्ति के बाद रोकी गई है.

अवैध निर्माण पर एक्शन, फिर विरोध

शुक्रवार की सुबह जयपुर के आदर्श नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम (जेएमसी) की टीम बुलडोजर लेकर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने पहुंची. ज़ोन के डीसी के आदेश पर टीम ने एक इमारत के हिस्से को ध्वस्त कर दिया. लेकिन इस पहली कार्रवाई के होते ही स्थानीय लोग भारी संख्या में इकट्ठा हो गए और निगम के इस कदम का कड़ा विरोध शुरू कर दिया.

'होटल को लाभ' और हाई कोर्ट का मामला

विरोध प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने निगम की कार्रवाई की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए. उनका सबसे बड़ा आरोप यह था कि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है, बल्कि पास में बन रहे एक बड़े निजी होटल को अनुचित फायदा पहुंचाने के इरादे से की जा रही है. लोगों ने यह भी दावा किया कि जिस निर्माण पर कार्रवाई हो रही है, उससे जुड़ा मामला पहले से ही उच्च न्यायालय (High Court) में लंबित है, और निगम ने उन्हें कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया. बढ़ते तनाव के चलते, निगम की टीम को बीच में ही कार्रवाई रोककर मौके से वापस लौटना पड़ा.

निगम का जवाब: मालिक की 'अंडरटेकिंग' पर कार्रवाई

आरोप और विरोध के बाद, आदर्श नगर जोन के उपायुक्त राजेंद्र कुमार ने निगम का पक्ष स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि यह मामला एक 'सीज बिल्डिंग' से जुड़ा हुआ है. बिल्डिंग मालिक ने स्वयं डीएलबी (स्थानीय निकाय निदेशालय) में अंडरटेकिंग दी थी कि वह अपना अवैध निर्माण तोड़ देगा, जिसके बाद उसकी बिल्डिंग को दोबारा खोल दिया जाए. इसी अंडरटेकिंग को लेकर आज हमारी टीम ने कार्रवाई शुरू की और पहले फेज में आगे का अवैध निर्माण तोड़ दिया गया है.

किराएदारों की आपत्ति के बाद कार्रवाई स्थगित

उपायुक्त ने यह भी बताया कि कार्रवाई रोकने का कारण स्थानीय लोगों का विरोध नहीं, बल्कि इमारत में मौजूद अन्य किराएदारों का ऑब्जेक्शन था. किराएदारों ने कहा कि उन्हें सुना जाना चाहिए. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अब उनके ऑब्जेक्शंस पर सुनवाई की जाएगी, जिसके बाद ही अगले चरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

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