Rajasthan News: राजस्थान में धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में एक दुखद घटना ने सबको हिला दिया है. 8 जनवरी 2026 की रात झिरी नाके पर ड्यूटी कर रहे वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत को बजरी माफियाओं ने ट्रैक्टर से रौंद दिया. तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया और आरोपी मौके से भाग निकले.
जितेंद्र को पहले सरमथुरा फिर करौली अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर जयपुर रेफर कर दिया गया. वहां डॉक्टरों ने उनका बायां पैर काटकर जान बचाने की कोशिश की लेकिन 9 जनवरी की रात उन्होंने दम तोड़ दिया. इस घटना से पुलिस और वन विभाग में खलबली मच गई.
घटना का पूरा ब्योरा
झिरी नाके पर जितेंद्र सिंह शेखावत अवैध बजरी ढोने वालों पर नजर रख रहे थे. रात के समय तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की लेकिन चालक ने उन्हें जानबूझकर टक्कर मार दी. ट्रैक्टर का पहिया उनकी जांघ पर से गुजर गया जिससे वे बुरी तरह जख्मी हो गए. आरोपी बजरी माफिया रामसेवक उर्फ चालू गुर्जर पुत्र रामजीलाल निवासी चिल्ली पुरा मजरा नगर ने यह वारदात की.
घटना के बाद वह फरार हो गया लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया. थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ चल रही है और लगता है कि इस साजिश में कुछ और लोग भी शामिल हैं. पुलिस उन सभी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.
जांच में आई तेजी
रेंजर देवेंद्र सिंह चौहान ने बजरी माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. सीओ नरेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया.
टीम ने घटनास्थल से जरूरी सबूत और नमूने जमा किए ताकि जांच मजबूत हो सके. इस हमले ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. पुलिस का कहना है कि बजरी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
अंतिम संस्कार की तैयारी
मृतक जितेंद्र सिंह शेखावत का पोस्टमार्टम जयपुर के जयपुरिया अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने किया. रिपोर्ट के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया. परिजन गमगीन हैं और अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं. इस घटना ने वनकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बजरी माफियाओं पर कड़ी नकेल कसी जाए. पुलिस ने वादा किया है कि सभी दोषियों को सजा मिलेगी और इलाके में नाकाबंदी बढ़ाई जाएगी.
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