Rajasthan News: हनुमानगढ़ जिले के नोहर क्षेत्र में सिंचाई के पानी को लेकर किसानों के धैर्य का बांध अब टूटता नजर आ रहा है. किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं. इसी क्रम में अमर सिंह ब्रांच से जुड़े काश्तकारों ने भादरा प्रशासन और क्षेत्रीय नेताओं के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है. किसानों ने 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन श्रीगंगानगर-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम करने का फैसला किया है.
प्रशासन से सिर्फ मिल रहा आश्वासन
रविवार शाम को बड़ी संख्या में किसान निकटवर्ती गांव रामगढ़ स्थित डीपीएन नहर की पुलिया पर इकट्ठा हुए. इस दौरान किसानों ने अमर सिंह ब्रांच, एनटीआर और डीपीएन वितरिका के आउटलेट रेक्टिफिकेशन कार्य को जल्द शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. किसानों का आरोप है कि यह काम काफी समय पहले शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन लगातार केवल आश्वासन ही दे रहा है.
किसानों ने बताया कि दो दिन पहले रामगढ़ की चौगान में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद भी अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है. किसान नेताओं का कहना है कि भादरा क्षेत्र में निर्धारित मापदंडों से बड़े मोघे होने के कारण अमर सिंह ब्रांच के अंतिम छोर के किसानों को पूरा सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा है. इसके कारण हर साल उनकी फसलें खराब हो रही हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है.
10 बजे नेशनल हाईवे को जाम करेंगे किसान
किसानों का आरोप है कि भादरा के नेता और सिंचाई विभाग के अधिकारी नहीं चाहते कि नहर के अंतिम छोर के किसानों को उनका हक का पानी मिले. यही वजह है कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद भी मोघों को दुरुस्त करने का काम जानबूझकर टाला जा रहा है. प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित किसानों ने प्रशासन और नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बैठक में किसानों ने 26 जनवरी को सुबह 10 बजे से रामगढ़ स्थित डीपीएन नहर की पुलिया पर श्रीगंगानगर-दिल्ली नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया है. किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक आउटलेट रेक्टिफिकेशन काम शुरू नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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