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राजस्थान विधानसभा में उठा अनुकंपा पर नौकरी का मुद्दा, मंत्री ने कहा- दिव्यांग होने पर ही मिलती है अनुकंपा

विधायक ने सदन को बताया कि वर्ष 2015 में चुनाव ड्यूटी के दौरान सुभाष चंद्र अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद से वे लगातार कोमा में हैं. कोमा में जाने के बाद वे स्थायी रूप से पूर्ण दिव्यांग हो गए.

राजस्थान विधानसभा में उठा अनुकंपा पर नौकरी का मुद्दा, मंत्री ने कहा- दिव्यांग होने पर ही मिलती है अनुकंपा
राजस्थान विधानसभा

Rajasthan Assembly: जयपुर नोहर के गांव ललाना निवासी कांस्टेबल सुभाष चंद्र के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति देने का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा. विधायक अमित चाचाण ने इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाते हुए पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग की. विधायक ने सदन को बताया कि वर्ष 2015 में चुनाव ड्यूटी के दौरान सुभाष चंद्र अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद से वे लगातार कोमा में हैं. कोमा में जाने के बाद वे स्थायी रूप से पूर्ण दिव्यांग हो गए. विधायक ने कहा कि राजस्थान स्थायी पूर्ण दिव्यांग सरकारी कर्मचारी के आश्रितों की अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम 2023 के बिंदु संख्या 14 के तहत विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए उनके पुत्र राहुल कड़वासरा को कनिष्ठ सहायक पद पर नियुक्ति दी जानी चाहिए.

बजट में अनुकंपा नियुक्ति में संशोधित संशोधन की घोषणा

विधायक ने आरोप लगाया कि विभागीय कार्यवाही के दौरान अधिकारियों की मनमर्जी के चलते राहुल कड़वासरा के अनुकंपा नियुक्ति के दावे खारिज कर दिए गए. जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के जारी प्रमाण पत्र में सुभाष चंद्र को स्थायी पूर्ण दिव्यांग घोषित किया गया है. उन्होंने सदन में कहा कि परिवार में सुभाष चंद्र ही इकलौते कमाने वाले थे और वर्तमान में परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है.

मामला उठने के बाद कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह मानवीय मूल्यों से जुड़ा मामला है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित संशोधन की घोषणा की है.

दिव्यांग होने पर ही अनुकंपा

मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियम 2023 के बिंदु संख्या 2 के अनुसार ड्यूटी के दौरान दुर्घटना से स्थायी दिव्यांग होने पर ही अनुकंपा नियुक्ति देय थी. जबकि सुभाष चंद्र की दिव्यांगता बीमारी के कारण उत्पन्न हुई. इसी कारण पहले नियुक्ति संभव नहीं थी. हालांकि हालिया बजट संशोधन के बाद बीमारी के कारण पूर्ण दिव्यांग होने के मामलों में भी नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकेगी.

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुभाष चंद्र के मामले में विभागीय निर्देशानुसार जल्द कार्यवाही कर परिवार को राहत प्रदान की जाएगी.

विधायक अमित चाचाण पिछले सात वर्षों से यह मामला लगातार उठाते आ रहे हैं. वर्ष 2023 में उनकी मांग के बाद ही अनुकंपा नियुक्ति नियमों में स्थिलता दी गई थी लेकिन अब तक परिवार को नियुक्ति नहीं मिल पाई है.

विधायक का कहना है कि अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सका. उन्होंने बताया कि सुभाष चंद्र पिछले दस वर्षों से कोमा में हैं और परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट बना हुआ है.

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