
Rajasthan News: राजस्थान में विकास को लेकर जारी सरकार के प्रयासों के बीच राजधानी जयपुर से एक चिंताजनक खबर सामने आई है. जयपुर में पिछले ही साल करोड़ों रुपए खर्च कर कैंसर मरीजों के इलाज के लिए एक अत्याधुनिक अस्पताल शुरू किया गया लेकिन एक ही साल के अंदर अस्पताल की ऐसी तस्वीरें आई हैं जिसने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं. इस अस्पताल में ब्लड कैंसर के इलाज के लिए भर्ती 10 साल के एक बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं. अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में गंदगी की वजह से एक चूहे ने इस बच्चे के पैर का अंगूठा कुतर दिया. इसके एक दिन बाद शुक्रवार, 13 दिसंबर को उस बच्चे की मौत हो गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस खबर के बाद भी ना तो अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ना ही इस मामले में कोई कार्रवाई की गई.

अस्पताल में फैली हुई गंदगी.
अस्पताल में फैली है गंदगी
प्रदेश के इस सबसे बड़े सरकारी कैंसर अस्पताल में इलाज के लिए राजस्थान के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं. लेकिन अस्पताल में फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं के कारण अब मरीजों की जान पर बन आई है.
अस्पताल के वार्डों में मरीजों के पास पड़ी गंदगी, जंग लगी ड्रेसिंग, टूटे हुए टॉयलेट, दीवारों पर लगे जाले बता रहे हैं कि अस्पताल की क्या दुर्दशा है. अब इसी अस्पताल में दस साल के कैंसर पीड़ित बच्चे के पैर का अंगूठा चूहे के कुतरने और इसके बाद उसके दम तोड़ने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं. एनडीटीवी टीम को रिपोर्ट के दौरान बेड पर लेटे एक मरीज के ऊपर चूहा नजर आया.

अस्पताल में फैली हुई गंदगी.
अस्पताल में मरीजों को बीमारी होने का खतरा
अस्पताल के हालातों के बारे में भर्ती मरीजों के परिजनों बताया कि इस सरकारी अस्पताल में आलम ये है कि अस्पताल में भर्ती मरीज कैंसर के इलाज के लिए यहां आए हैं. लेकिन हालात इतने खराब हैं कि अब उनको अस्पताल में दूसरी बीमारी होने का खतरा है.
इस मामले में अस्पताल के प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आए. जब NDTV ने इस मामले अस्पताल से बातचीत की तो उन्होंने सफाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बात कही.
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