विज्ञापन
This Article is From Jan 07, 2026

जयपुर SOG ने BSS चेन्नई यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को दबोचा, बांट रहा था फर्जी डिग्रियां, हजारों की होगी जांच

SOG ने बताया कि यूनिवर्सिटी बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही थी. वहां 1000 से अधिक प्रोफेशनल कोर्स करवाए जाते थे. लेकिन, अब यहां की हज़ारों डिग्रियां जांच के घेरे में आ गई हैं.

जयपुर SOG ने BSS चेन्नई यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर को दबोचा, बांट रहा था फर्जी डिग्रियां, हजारों की होगी जांच
BSS Chennai University

राजस्थान पुलिस के विशेष टीम SOG ने फर्जी डिग्रियों के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है. जयपुर SOG ने भारत सेवक समाज चेन्नई यूनिवर्सिटी (BSS Chennai University) के डायरेक्टर एस. ए. जी. मॉयसन (S. A. G. Moison) को गिरफ्तार किया है. SOG टीम ने उसे चेन्नई से गिरफ्तार किया है. इस यूनिवर्सिटी पर फर्जी डिग्रियां बांटने का आरोप है. SOG ने बताया कि यूनिवर्सिटी बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही थी. वहां 1000 से अधिक प्रोफेशनल कोर्स करवाए जाते थे. लेकिन, अब यहां की हज़ारों डिग्रियां जांच के घेरे में आ गई हैं. यूनिवर्सिटी ने 10,000 अन्य संस्थानों को संबद्ध किया हुआ है जिनमें से लगभग 7000 अभी भी चल रहे हैं. SOG ने दौसा से एक इंस्टिट्यूट संचालक को भी गिरफ़्तार किया है.

ऐसा संदेह है कि इस यूनिवर्सिटी से मिली डिग्रियों का इस्तेमाल कई अभ्यर्थियों ने फायरमैन और लाइब्रेरियन परीक्षाओं में किया है. SOG ने जांच में पाया कि फर्जी डिग्री का सारा खेल व्हाट्सऐप से चलता है और डिग्रियां कूरियर से पहुंचाई जाती थीं. एक डिग्री के लिए 15 हजार से 50 हजार रुपये के बीच पैसे लिए जाते थे.

भारत सेवक समाज यानी BSS चेन्नई यूनिवर्सिटी साल 1902 से संचालित थी, और  वह 1952 से विभिन्न कोर्सेज की डिग्रियां दे रही थी. इसके कार्यालय चेन्नई और दिल्ली में हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

SOG ने कैसे पकड़ा?

SOG के डीआईजी परेश देशमुख ने बताया कि SOG की हेल्पलाइन पर फायरमैन और लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षाओं में फर्जी डिग्रियां होने की शिकायतें आई थीं. साथ ही, भारत सेवक समाज की ओर से दी गई डिग्रियां शक के घेरे में थीं. इस बीच पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए एक कैंडिडेट के मोबाइल से इस यूनिवर्सिटी के फर्ज़ी सर्टिफिकेट सामने आने के बाद पूरा रैकेट उजागर हुआ.

डीआईजी देशमुख ने NDTV से कहा,"हमें इनपुट मिला कि पटवारी भर्ती परीक्षा में भी गड़बड़ियां हो सकती हैं. फिर हमने अपनी एक टीम भेजी जिसने पाया कि फायरमैन परीक्षा में बैकडेट से डिग्रियां बांटी जा रही थीं. फिर हमने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया और जांच शुरू की."

Latest and Breaking News on NDTV

बिना मंजूरी चल रहा था संस्थान

एसओजी की टीम को जांच में पता चला कि भारत सेवक समाज कोई यूनिवर्सिटी नहीं बल्कि एक संस्था है जो वोकेशन पाठ्यक्रमों के नाम पर 1000 से ज्यादा कोर्स करवा रही थी. इस संस्था से लगभग 10,000 छोटे-मोटे संस्थान जुड़े हैं. ये संस्थान पैसे लेकर संस्थानों को ऐफ़्लिएट यानी जोड़ता था और पैसे लेकर डिग्रियां बांटता था. इन संस्थानों में से 7000 अभी भी चल रहे हैं. संस्थान ऑनलाइन वेरिफ़िकेशन की भी सुविधा देता है.

डीआईजी देशमुख ने कहा,"इस संस्थान को किसी भी लोकसभा या विधानसभा के ऐक्ट के तहत या यूजीसी की मान्यता नहीं मिली है, लेकिन यह डिप्लोमा और सर्टिफ़िकेट बांट रहा था. ऐसी डिग्रियां लेकर कई लोगों ने फायरमैन और लाइब्रेरियन की नौकरियां पाई हैं."

BSS चेन्नई यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर की गिरफ्तारी के बाद अब ऐसे बहुत सारे सरकारी कर्मचारी भी SOG के रडार पर हैं, जिन्होंने बैकडेट में डिग्री लेकर नौकरियां पाई हैं.

ये भी पढ़ें-: जयपुर के ऑटो ड्राइवर की अचानक बदली किस्मत! कुछ पल के सफर से फ्रांस की लड़की का बन गया हमसफर

LIVE TV देखें

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close