Rajasthan: कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान समझदार हो जाता है, लेकिन बाड़मेर के पचपदरा का रहने वाला बाबू उर्फ बरकत खां इस कहावत को गलत साबित करता नजर आया. 68 साल की उम्र में, जब लोग लाठी का सहारा लेते हैं, तब वह अपने 50वें मुकदमे के साथ पुलिस की गिरफ्त में है. शेरगढ़ के सोईंतरा स्थित आशापुरा माताजी मंदिर में पिछले एक महीने में दो बार चोरी हुई, जिससे ग्रामीणों की नींद उड़ गई थी. पुलिस की रात्रि गश्त ने आखिरकार इस ‘बुजुर्ग अपराधी' के खेल को खत्म कर दिया.
रात्रि गश्त के दौरान थानाधिकारी बुधा राम की टीम ने संदिग्ध हालत में घूमते बाबू उर्फ बरकत खां (68), पुत्र लाखे खां, निवासी जवाहर नगर, पचपदरा को पकड़ लिया. यह कार्रवाई व्रताधिकारी राजेंद्र सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे गश्त अभियान के तहत हुई. पूछताछ में आरोपी के पास से चोरी का कुछ सामान भी बरामद किया गया. बाबू उर्फ बरकत खां एक आदतन अपराधी है और पुलिस के अनुसार उस पर कुल 50 मुकदमे दर्ज हैं.
पहला मुकदमा साल 1984 में दर्ज हुआ था
जब पुलिस ने बाबू का ‘क्रिमिनल बायोडाटा' खंगाला, तो अधिकारी भी हैरान रह गए. उसका पहला मुकदमा साल 1984 में दर्ज हुआ था, जब शायद आज के कई पुलिसकर्मी पैदा भी नहीं हुए होंगे. वह 10 साल से अधिक समय जेल में बिता चुका है और हाल ही में अजमेर जेल से फरार हुआ था. पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से उसके अन्य साथियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है और क्षेत्र में हुई पुरानी चोरियों का भी खुलासा होगा.
सख़्त निगरानी की वजह से पकड़ा गया
पंचायत समिति सदस्य विक्रम सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार मंदिर की तिजोरी से 25 हजार रुपये नकद, माइक सेट, एलईडी टीवी और चांदी का छत्र चोरी हुआ था. मंदिर में अब तक पांच बार चोरी हो चुकी है, जिससे परेशान ग्रामीणों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है. पुलिस ने रात्रि गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. फिलहाल, 68 साल का यह ‘शातिर दादा' एक बार फिर अपने पुराने पते यानी जेल जाने की तैयारी में है.
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