
Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के नामांकन का सोमवार को आखिरी दिन था. इस दौरान सैकड़ों उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया. प्रदेश में नाराज नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए पर्चा दाखिल कर दिया. भाजपा से बगावत करने के बाद आज पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान ने निर्दलीय रूप में डीडवाना से अपना नामांकन दाखिल कर दिया.
लेकिन लम्बे समय से डीडवाना सीट पर किसी निर्दलीय ने जीत दर्ज नहीं की. डीडवाना सीट पर 30 साल पहले एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. इसके अलावे हमेशा किसी पार्टी का उम्मीदवार ही यहां चुनाव जीतते रहा है. ऐसे में सवाल है कि क्या यूनुस खान 30 साल पुराना इतिहास वापस दोहरा पाएंगे? 1993 के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार चेनाराम ने 38 हजार 711 वोट लाकर अपने भाजपा के भंवर सिंह को करीब 16 हजार मतों से पराजित किया था.
यह इकलौता मौक़ा था जब इस सीट से किसी निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. उमेद राम जनता पार्टी के टिकट पर लड़े तो जीते लेकिन अगला चुनाव निर्दलीय लड़े तो हार गए.
यहां कांग्रेस ने चेतन डूडी और भाजपा ने जितेंद्र जोधा को उम्मीदवार बनाया है. यूनुस खान इस मुलाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं. भाजपा इस सीट पर सिर्फ दो बार चुनाव जीती है और दोनों ही बार यूनुस खान विधायक बने हैं. यूनुस खान इलाके में काफी लोकप्रिय हैं. मंत्री रहने की वजह से उन्होंने इलाके में कुछ काम भी करवाये, इसकी वजह से लोग उन्हें पसंद भी करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यूनुस खान 30 साल पुरानी कहानी दोहरा पाएंगे?
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