
Vasundhara Raje News: राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री रह चुकीं भाजपा की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को कुछ ऐसा कह दिया, जिससे उन्हें चाहने वाले निराश हो गए. दरअसल शुक्रवार को वसुंधरा ने अपने गढ़ झालावाड़ में नामांकन से एक दिन पहले कार्यकर्ता सम्मलेन को संबोधित किया. यह एक तरह से उनका शक्ति प्रदर्शन था. हजारों लोगों की भीड़ के बीच वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को एक जनप्रतिनिधि के तौर पर अपने बेटे व सांसद दुष्यंत राजे की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि वह अब ‘रिटायर' हो सकती हैं.
वसुंधरा राजे सिंधिया ने झालावाड़ में अपने भाषण के दौरान कहा कि वह अब रिटायर होना चाहती हैं. राजे की इस बात को सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया, लेकिन जैसे ही राजा ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि क्या अब उनको रिटायर हो जाना चाहिए तो सभी लोगों ने एक आवाज़ में इंकार कर दिया.
दरअसल मामला कुछ यूं था कि वसुंधरा राजे सिंधिया से पहले उनके सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह भाषण दे रहे थे, दुष्यंत का भाषण राजे की सभा में बेहद जोशीला और आत्मविश्वास से भरा हुआ था, राजे ने दुष्यंत को बड़े ध्यान से सुना और जब वह भाषण देने मंच पर आई तो उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके पुत्र ने आज भाषण दिया है तो उनको लग रहा है कि अब उनको रिटायर हो जाना चाहिए.
राजे ने कहा कि झालावाड़ भाजपा कार्यकर्ताओं की जो टीम है उन्होंने दुष्यंत सिंह को पूरी तरह से ट्रेंड कर दिया है, अब शायद उनको कुछ और सीखना बाकी नहीं है, ऐसे में राजे ने कहा कि जब दुष्यंत सिंह सब कुछ संभाल रहे हैं तो उनको रिटायर हो जाना चाहिए. लेकिन राजे ने यह बात चुटकी लेते हुए की थी, जिसका सभा में मौजूद वसुंधरा राजे समर्थकों ने विरोध करते हुए राजे से रिटायरमेंट लेने की बात पर इंकार कर दिया.
इन 34 वर्षों में झालावाड़ ने हर सुख-दुःख में मेरा साथ निभाया है। और मैंने भी इस आशीर्वाद का ऋण विकास के रूप में चुकाने का पूरा प्रयास किया है। अब यहां बिजली-पानी-सिंचाई जल की बेहतर सुविधाएं हैं, प्लेन लैंड होते हैं, ट्रेन चलती है, मेडिकल कॉलेज है, कैंसर अस्पताल है, अच्छी सड़कें… pic.twitter.com/tSBUEuIJN9
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) November 3, 2023
आपको बता दें कि वसुंधरा राजे सिंधिया ने उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत झालावाड़ से की थी, जहां से वह दसवां चुनाव लड़ने जा रही है, राजे के पांच कार्यकाल पूरे हो जाने के बाद उनके पुत्र दुष्यंत सिंह झालावाड़ की राजनीति में उतरे, जहां उनको लोगों के बीच जाने और कार्यकर्ताओं से रूबरू होने का मौका मिला.
लेकिन दुष्यंत सिंह में पूर्णतः परिपक्वता नजर नहीं आती थी, लेकिन राजे की सभा के दौरान दुष्यंत सिंह ने जो भाषण दिया वह बेहद सधा हुआ और जोशीला भाषण था, दुष्यंत सिंह जब भाषण दे रहे थे तो वसुंधरा राजे सिंधिया एक टक उनकी तरफ नजर लगाए उनको सुन रही थी, और बीच-बीच में मुस्कुरा भी रही थी.
ऐसे में वह जब मंच पर पहुंची और भाषण देना शुरू किया तो उन्होंने इस बात का जिक्र भी कर ही डाला कि दुष्यंत सिंह अब पूरी तरह से परिपक्व नजर आने लगे हैं, उनकी भाषा शैली और आत्मविश्वास से यह बात साफ झलक रही है. लेकिन झालावाड़ में भारतीय जनता पार्टी के समर्थक वसुंधरा राजे सिंधिया को आगे भी अपने नेता के रूप में देखना चाहते हैं जिसके चलते हैं राजे द्वारा रिटायरमेंट की बात कहे जाने पर कार्यकर्ता खड़े हो गए और हाथ उठाकर विरोध करने लगे.
भाजपा की वरिष्ठ नेता ने कहा, “आज लोग पूछ रहे हैं कि झालावाड़ कहां है। लोग यहां निवेश करना चाहते हैं. वसुंधरा ने कहा कि बेटे का भाषण सुनने के बाद उन्हें लगता है कि वह रिटायर हो सकती हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लग रहा है कि अब मैं रिटायर हो सकती हूं.
वसुंधरा ने कहा कि लोगों ने 'सांसद साहब' (दुष्यंत राजे) को सही प्रशिक्षण और स्नेह दिया है और उन्हें सही रास्ते पर रखा है. उन्होंने कहा कि उन्हें दुष्यंत के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है.
वसुंधरा ने सरकारी भर्तियों के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान फिर से नंबर एक राज्य तभी बनेगा, जब जनता भाजपा को आगे ले जाने का काम करेगी.
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