
Kuldhara Village of Rajasthan: राजस्थान के जैसलमेर जिले का अधिकांश भाग रेगिस्तानी है. यहां जगह-जगह रेत के बड़े टीले हैं. वहीं इस जिले की एक और पहचान है और वह है 'कुलधरा' नाम का एक ख़ूबसूरत गांव, जो पिछले 200 सालों से वीरान पड़ा है. ऐसा कहा जाता है कि इस गांव के लोग 200 साल पहले रातोंरात अपना गांव छोड़ कर कहीं और चले गए और फिर कभी वापस नहीं आये.
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने की शिकायत
जिले के सिविल सोसाइटी के लोगों ने और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग जैसलमेर ने सदर थाने में इस मामले की शिकायत दे दी है. विभाग ने सदर थाने में असामाजिक तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया. साथ ही ऐतिहासिक संरक्षित इमारतों के साथ छेड़खानी कर उनको नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया है.

दीवार तोड़ता युवक
आरोपियों की तलाश जारी
एसपी विकास सांगवान ने बताया कि पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा शिकायत दी गई है. इसमें बताया गया है कि संरक्षित स्मारक कुलधरा गांव राजस्थान स्मारक पुरावशेष स्थान और प्राचीन पुरावशेष अधिनियम 1961 (राजस्थान अधिनियम संख्या 19 साल 1961) की धारा 03 की उपधारा (4) द्वारा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग राजस्थान के अधीन संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल है. मामला दर्ज कर पुलिस ने वीडियो की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
प्राचीन वस्तु अधिनियम 1961
कुलधरा गांव में एक मकान की दीवार को नुकसान पहुंचाने के मामले में मुकदमा दर्ज करवाया गया है. दर्ज मुकदमे में बताया गया है कि दीवार गिराने की घटना राजस्थान पुरावशेष स्थान और प्राचीन वस्तु अधिनियम 1961 की धारा 17 के तहत दंडनीय अपराध है. ऐसे में आरोपी को 3 साल की सजा या 1 लाख रुपए जुर्माने अथवा दोनों के प्रावधान है.

जनता में जबरदस्त आक्रोश
दरअसल, ऐतिहासिक कुलधरा गांव में तोड़फोड़ कर एक दीवार को तोड़ने का वीडियो बुधवार 3 जनवरी को सामने आया था. इस वीडियो में कुछ युवक एक दीवार को लात मारकर गिरा रहे है. दीवार को गिराने के बाद वे हंसते हुए वहां से निकल जाते हैं. वही सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने के बाद पर्यटन से जुड़े लोगों और जनता में जबरदस्त आक्रोश नजर आया है.
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