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This Article is From Jan 10, 2024

मोदी जी आप से बैर नहीं, पर यह सांसद हमें स्वीकार नहीं... लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में तेज हुई सियासी हलचल

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी शुरू हो चुकी है. भाजपा, कांग्रेस सहित सभी दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटी है. सभी सांसद भी अपने-अपने स्तर से चुनावी तैयारी में जुटे हैं. लेकिन इस बीच राजस्थान में एक सांसद के खिलाफ जबरदस्त माहौल बनता नजर आ रहा है. जिससे राजस्थान की सियासी हलचल तेज हो गई है.

मोदी जी आप से बैर नहीं, पर यह सांसद हमें स्वीकार नहीं... लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में तेज हुई सियासी हलचल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चूरू सांसद राहुल कस्वां.

लोकसभा चुनाव (Lok sabha Election) में कुछ ही महीने शेष रह गए हैं. भाजपा-कांग्रेस सहित दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटी है. राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर दोनों दलों की पैनी नजर हैं. विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा उत्साहित हैं. दूसरी ओर कांग्रेस विधानसभा में मिली नाकामी को भूलाकर लोकसभा में पूरी ताकत लगा रही है. इस बीच राजस्थान में एक पोस्टर से सियासी हलचल तेज हो गई है. 

दरअसल राजस्थान में भाजपा के सांसद के खिलाफ माहौल बनता नजर आ रहा है. लोकसभा चुनाव से पहले चूरू जिले की राजनीति में एक पोस्ट ने हलचल बढ़ा दी है. दरअसल पोस्टर में चूरू के मौजूदा सांसद राहुल कस्वां की फोटो लगी है. पोस्टर पर लिखा है मोदी जी आपसे बैर नहीं चूरू सांसद राहुल कस्वां हमें स्वीकार नहीं.

इस पोस्टर को हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. दरअसल तारानगर में भाजपा के कद्दावर नेता राजेंद्र राठौड़ हार गए थे, जिसके बाद से ही जिले में अंदरखाने चर्चा चल रही थी कि सांसद राहुल कस्वां ने कथित रूप से  भाजपा के दिग्गज नेता राजेंद्र राठौड़ को हराने में सहयोग किया है, ऐसे में अब यह पोस्ट तारानगर के कई हिस्सों में चश्पा किया गया है जो लगातार जिले की राजनीति में सुर्खियां बटोर रहा है. 

चूरू सांसद राहुल कस्वां के खिलाफ लगाए गए पोस्टर.

चूरू सांसद राहुल कस्वां के खिलाफ लगाए गए पोस्टर.

राजेंद्र राठौड़ ने पार्टी के कुछ नेताओं पर किया था कटाक्ष 

चुनाव हारने के बाद चूरू के सादुलपुर में राठौड़ ने पहली बार स्वीकार किया कि उनके कुछ नेताओं ने भीतरघात किया. इस दौरान राठौड़ ने कहा था कि जनता का फैसला स्वीकार्य है लेकिन इस हार में बहुत से जयचंदों ने भी अपनी भूमिका निभाई है. राठौड़ ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को जयचंद यानी धोखेबाज करार दिया. हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया. उन्होंने कहा कि मुंह में राम, बगल में छुरी लेकर भी कई लोग सत्ता के नजदीक आने की कोशिश कर रहे हैं. उनके चेहरे का नकाब जल्द ही उतरने वाला है.

इसके कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी. इस ऑडियो में प्रदेश संगठन के एक नेता व भाजपा समर्थक आपस में बात कर रहे थे. वे बीजेपी सांसद राहुल कस्वां पर हार का ठीकरा फोड़ रहे थे. उस ऑडियो रिकॉर्डिंग में कहा जा रहा था कि राहुल कस्वां ने राठौड़ से भीतरघात किया है जिसकी वजह से राठौड़ को हार का सामना करना पड़ा. इस ऑडियो के वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में राठौड़ और कस्वां के आपसी संबंधों को लेकर खूब चर्चाएं हुईं.

चूरू में स्थानीय सांसद राहुल कस्वां के खिलाफ लगाए गए पोस्टर.

चूरू में स्थानीय सांसद राहुल कस्वां के खिलाफ लगाए गए पोस्टर.

जानिए कौन हैं राहुल कस्वां

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में एक जिला है चूरू. इस जिले में कस्वां एक बड़ा राजनैतिक परिवार है जो कई दशकों से राजनीति में है. कस्वां परिवार की तीसरी पीढी के राहुल कस्वां वर्तमान में चूरू लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. राहुल कस्वां वर्ष 2014 और वर्ष 2019 में लगातार दो बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा सदस्य चुने गए हैं.

वर्ष 2014 में वे सबसे कम उम्र के सांसद बने थे. राहुल कस्वां के पिता का नाम रामसिंह कस्वां भी चार बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं. उनके दादा का नाम दीपचंद कस्वां है. दादा दीपचंद कस्वां भी लोकसभा सांसद रह चुके हैं। राहुल कस्वां की मां कमला कस्वां भी सादुलपुर से विधायक रह चुकी हैं. इनके परिवार की तीन पीढियां राजनीति में है. लेकिन अब राहुल कस्वां के खिलाफ पोस्टरबाजी से चूरू के साथ-साथ पूरे प्रदेश की सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. 

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