Rajasthan News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पुलिस की कार्रवाई पर बड़ा सवाल उठ रहा है. एक सप्ताह पहले 31 दिसंबर की रात कोतवाली थाने के अधिकारी दीपक बंजारा ने कुछ पुलिसकर्मियों और नर्सिंग छात्रों के साथ मिलकर एक घर पर धावा बोला. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर अंदर घुसा और सो रहे लोगों पर हमला किया. इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया है और लोग पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठा रहे हैं.
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की कहानी पर पानी फेर दिया. फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मियों के साथ कुछ लोग हथियार लेकर घर के बाहर घूम रहे थे. परिवार का कहना है कि ये लोग शराब के नशे में थे और पुलिस ने उन्हें साथ लाया था.

फुटेज में पुलिस को पीड़ित हामिद शेख की जेब में मोबाइल रखकर वीडियो बनाते हुए भी देखा जा सकता है जो झूठे सबूत गढ़ने की कोशिश लगती है. परिवार ने बताया कि पुलिस ने घर का सीसीटीवी डीवीआर भी लूट लिया ताकि सबूत मिटा सकें लेकिन पड़ोस के कैमरों से सच्चाई बाहर आ गई.
परिवार की दर्दनाक आपबीती
प्रतापगढ़ के कांग्रेस पार्षद साकिर शेख ने बताया कि उनके पिता हामिद शेख के घर पर यह हमला हुआ. पुलिस ने घर में सो रहे लोकेश शर्मा और हामिद शेख पर हथियारों से हमला किया जिससे उनके हाथ-पांव में फ्रैक्चर हो गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले जिला अस्पताल में भर्ती किया गया फिर उदयपुर रेफर कर दिया.

पुलिस द्वारा घर मे घुसकर मारपीट के विरोध में बड़ी संख्या में लोग पहुँचे पुलिस अधीक्षक कार्यालय व मिनी सचिवालय
हमलावरों ने घर में तोड़फोड़ मचाई और नगदी जेवरात लूट लिए. साकिर जब मौके पर पहुंचे तो दीपक बंजारा ने उन्हें गाली-गलौज दी और पुलिसकर्मियों ने कनपटी पर पिस्टल रखकर धमकाया. फिर उन्हें बिना नंबर वाली गाड़ी में थाने ले जाकर चेतावनी दी कि शिकायत की तो पिता को NDPS मामले में फंसा देंगे.
पुलिस का पक्ष और जांच की मांग
पुलिस का दावा है कि यह NDPS एक्ट के तहत नशा तस्करों पर दबिश थी और हामिद शेख भागने की कोशिश में घायल हुए. लेकिन परिवार का आरोप है कि यह सब झूठा है और पुलिस अपनी गलती छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाकर हामिद को गिरफ्तार कर लिया.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा को घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुए पीड़ित पक्ष का प्रतिनिधि मंडल
घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की. पुलिस अधीक्षक ने जांच का आश्वासन दिया है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा ने कहा कि अरनोद थाना क्षेत्र के इस मामले की जांच चल रही है और बयान दर्ज किए जा चुके हैं.
अधिकारी पर पहले भी आरोप
घटना के बाद दीपक बंजारा को कोतवाली थाने से हटा दिया गया लेकिन वजह स्पष्ट नहीं है. उन पर पहले भी लोगों को धमकाकर पैसे वसूलने की शिकायतें हैं और एक मामले में जयपुर का भ्रष्टाचार निरोधक विभाग जांच कर रहा है. यह प्रकरण पुलिस की साख पर बट्टा लगा रहा है और लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या आम आदमी सुरक्षित है. जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है लेकिन परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है.
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