Rajasthan News: राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने परिवहन विभाग की गड़बड़ियों पर कड़ा प्रहार किया है. ब्यूरो की टीमों ने ब्यावर नसीराबाद विजयनगर केकड़ी किशनगढ़ और अजमेर इलाकों में 11 जगहों पर अचानक छापे मारे. इस दौरान अधिकारी कर्मचारी और प्राइवेट दलालों के ठिकानों से कई चौंकाने वाले सबूत हाथ लगे जिनमें अवैध कमाई के कागज और डिजिटल रिकॉर्ड शामिल हैं.
गोपनीय सूचना पर शुरू हुई जांच
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि मुख्यालय को गुप्त जानकारी मिली थी. इसमें पता चला कि परिवहन विभाग के लोग दलालों से सांठगांठ कर हाईवे पर चलने वाले वाहनों से 600 से 1000 रुपये तक की रिश्वत वसूल रहे थे. यह काम ब्यावर के होटल शेरे पंजाब नसीराबाद के जगदम्बा टी स्टॉल और होटल आरजे 01 जैसे जगहों से हो रहा था. जांच में साबित हुआ कि वाहनों में कमियां बताकर ओवरलोड पर आंख मूंदकर या जब्ती से बचाने के एवज में पैसे लिए जाते थे.
रिश्वत का हाईटेक नेटवर्क
रिश्वत मोबाइल मैसेज डिजिटल पेमेंट या हाईवे के होटल ढाबों से ली जाती थी. दलालों ने कई फोन से कॉल सेंटर जैसा सिस्टम बना रखा था. वाहन चालकों से संपर्क होने पर वे आरटीओ टीम को नंबर भेजते और रिश्वत देकर वाहन आसानी से पास करवा देते. कोड वर्ड से उड़न दस्ते को अलर्ट किया जाता था.
12 टीमों की संयुक्त कार्रवाई
उप महानिरीक्षक अनिल कयाल की निगरानी में 12 टीमों ने एक साथ हमला बोला. परिवहन अधिकारियों कर्मचारियों फ्लाइंग स्क्वॉड दलालों और उनके घरों पर सर्च हुआ. टीमों ने संदिग्ध कागज मोबाइल से डेटा जब्त किया. होटल ढाबा मालिकों के जरिए भी वसूली का पता चला.
13 संदिग्ध हिरासत में, लाखों के सबूत बरामद
कार्रवाई में परिवहन निरीक्षक जलसिंह उनके सहायक प्रदीप जोधा दलाल विक्रम सिंह पिपरोली संजय यादव ढाबा मालिक बुधे सिंह महेंद्र कुमार सुनील कुमार और संविदा गार्ड लक्ष्मण काठात गुलाब काठात समेत 13 लोगों को पकड़ा गया.
इनके पास से 1 लाख 16 हजार 700 रुपये 19 मोबाइल फोन 4 सीसीटीवी डीवीआर और 12 डायरियां मिलीं. इनमें लाखों के लेनदेन और हजारों के डिजिटल पेमेंट का हिसाब दर्ज है. एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक सत्येंद्र कुमार के मार्गदर्शन में पूछताछ जारी है.
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