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Rajasthan Election Result: राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए अब वोटों की गिनती की तैयारी शुरू हो गई है. 3 दिसंबर को रविवार के दिन वोटों की गिनती होगी. गुरुवार को एग्जिट पोल में अलग-अलग एजेंसियों को भाजपा को बढ़त बताई. हालांकि तीन एजेंसी ने कांग्रेस ने बढ़त बताई है. इस बीच वोटों की गिनती की तैयारी तेज हो चली है. प्रदेश की 199 विधानसभा सीटों के लिए 36 मतगणना केंद्रों पर 1121 एआरओ की ड्यूटी लगाई गई है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव-2023 की मतगणना के लिए मतगणना केन्द्रों पर माकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. उन्होंने बताया कि 3 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से सभी केंद्रों पर पोस्टल बैलेट और 8.30 बजे से ईवीएम के माध्यम से मतगणना आरंभ हो जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 51890 मतदान केन्द्रों पर ईवीएम में प्राप्त मतों की गणना के लिए मतगणना केन्द्रों पर 2524 टेबल लगाई गई है. इनमें कुल 4245 राउंड में मतों की गिनती का कार्य पूरा होगा. शिव विधानसभा क्षेत्र के लिए मतगणना सर्वाधिक 41 राउंड तक चलेगी, जबकि अजमेर दक्षिण के लिए मतगणना 14 राउंड में ही पूरी हो जाएगी.
उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं. मतगणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा इंतजामों के अंतर्गत केन्द्रीय पुलिस बल और आरएएसी की व्यापक तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है ताकि मतगणना स्थल पर किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं आए.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि केन्द्रीय पुलिस बलों की 40 कम्पनियां ईवीएम की सुरक्षा के लिए और आरएसी की 36 कम्पनियां मतगणना केन्द्रों पर तैनात रहेंगी। आरएएसी की 99 कम्पनियां विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर तैनात की जाएंगी.
इन चुनावों में कुल 4 लाख 36 हजार 664 मतदाताओं ने पोस्टल बैलट का उपयोग किया है, जिसमें से 80 वर्ष से अधिक उम्र के 49 हजार 365, दिव्यांग श्रेणी के 11 हजार 656 एवं आवश्यक सेवाओं के 4 हजार 427 तथा मतदान प्रक्रिया में जुटे 3 लाख 71 हजार 166 मतदाता शामिल है.
गुप्ता ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आयोग के निर्देशों की पालना करते हुए परिणाम बिना किसी त्रुटि एवं देरी के समय रहते घोषित किए जाएं. उन्होंने कहा कि मतगणना में पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अपनाई जा चुकी ‘मैंडेटरी वैरीफिकेशन‘ पद्धति को भी लागू किया जाएगा। इसमें संपूर्ण मतगणना के बाद प्रत्येक विधानसभा के मतदान केंद्रों से लॉटरी से 5-5 वीवीपैट का चयन कर उसकी पर्चियों की गणना कर, ईवीएम से प्राप्त मतों से मिलान किया जाएगा.
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