
Rajasthan News: नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को बुधवार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत नहीं मिल सकी. हाईकोर्ट ने आसाराम से अलग से इस बात के लिए शपथ पत्र मांग लिया कि सत्संग नहीं कर रहे. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आसाराम ने प्रवचन किए हैं, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए शर्तों का उल्लंघन करते हैं. अब आसाराम की अंतरिम जमानत पर राजस्थान हाईकोर्ट में 7 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी.
आसाराम के वकील से मांगा शपथ पत्र
जोधपुर हाई कोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने आसाराम को राहत देने के बजाय उनके वकील से शपथ पत्र मांगा, ताकि यह प्रमाणित किया जा सके कि सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन नहीं हुआ है. बता दें कि इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत की अवधि को तीन महीने के लिए बढ़ा दी थी.
बता दें कि आसाराम लंबे समय से दिल की बीमारी को लेकर जेल व अस्पतालों के बीच चक्कर लगा रहा है. करीब 11 साल जेल में रहने के बाद उसे पहली बार स्वास्थ्य कारणों व इलाज के लिए 31 मार्च तक अंतरिम जमानत मिली थी. यह अवधि पूरी होने से पहले आसाराम को 28 मार्च को गुजरात कोर्ट से तीन माह की अंतरिम जमानत और मिल गई.
जेल से फिर पहुंचा अस्पताल
इस बीच राजस्थान हाईकोर्ट में 31 मार्च तक सुनवाई नहीं होने से आसाराम को फिर से जेल में सरेंडर करना पड़ा. वह एक अप्रैल को जेल पहुंचा और इलाज के लिए निजी आयुर्वेर्दिक अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच भर्ती हो गया. उसे उम्मीद थी कि बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट से गुजरात कोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत अवधि बढ़ जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
बुधवार को सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने आसाराम की अंतरिम जमानत का विरोध किया. उन्होंने कहा कि आसाराम अंतरिम जमानत की शर्ताें का उल्लंघन कर रहा है. आसाराम के इंदौर व अन्य जगह सत्संग करने की मीडिया रिपोर्ट कोर्ट में पेश करते हुए वकील ने अंतरिम जमानत नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया.
यह भी पढे़ं- Asaram Surrender: फिर जेल पहुंचा आसाराम, पैर में बंधा था प्लास्टर, पुलिस ने अंगूठी-चेन उतरवाई