
Youth Death in Drug De-addiction Centre: नशा छुड़वाने का दावा करने वाली कई सरकारी, गैर सरकारी और प्राइवेट संस्थाएं अलग-अलग शहरों में संचालित हो रही हैं. इन संस्थाओं को कई जगहों से फडिंग भी मिलती है. लेकिन कई केंद्रों में नशे के आदी हो चुके लोगों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है कि उसकी जान तक चली जाती है. पहले भी ऐसी कई खबरें सामने आ चुकी है. अब ताजा मामला राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से सामने आया है. जहां हनुमानगढ़ जंक्शन के पास संचालित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. मामले में जंक्शन थाने में पंजाब निवासी मृतक के पिता गुरदीप सिंह ने केंद्र संचालक और उसके साथियों पर मारपीट कर हत्या करने का मामला दर्ज करवाया है. जंक्शन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
पंजाब के जलालाबाद निवासी युवक की मौत
जंक्शन के एक निजी नशा मुक्ति केन्द्र में पिछले करीब चार माह से भर्ती जलालाबाद पंजाब निवासी युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि नशा मुक्ति केन्द्र के संचालक और कर्मचारियों ने उसके लड़के के साथ बुरी तरह से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई. इसी वजह से युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक के पिता गुरदीप सिंह ने जंक्शन थाना में परिवाद पेश कर नशामुक्ति केन्द्र संचालक व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की.
कॉल आया कि तबीयत खराब है, पहुंचे तो मिली लाश
थाने में दर्ज मुकदमे में गुरदीप सिंह पुत्र करतार सिंह रायसिख निवासी शहीद भगत सिंह नगर तहसील जलालाबाद पंजाब ने बताया कि दो जनवरी को उनके पास न्यू लाइफ केयर सेन्टर से कॉल आई और कहा कि सुनील की तबीयत खराब है, वे आ जाएं. इसके बाद पुन: कॉल आई कि सुनील की हालत नाजुक है, वे जल्द से हनुमानगढ़ टाउन के शिव हॉस्पिटल आ जाएं. इस पर अल सुबह करीब 3.30 बजे वह व उसका लडक़ा सुखविन्द्र सिंह, अमनदीप, जसवन्त सिंह, जस्सासिंह हनुमानगढ़ टाउन पहुंचे तब तक उपचाराधीन उनके पुत्र सुनील की मौत हो चुकी थी.
लाश पर मिले जख्म के निशान, संचालक ने पैसे पर समझौते को कहा
उन्होंने चेक किया तो सुनील के शरीर पर आगे कोई चोट नहीं थी लेकिन दोनों कुल्हों की चमड़ी उधड़ी हुई थी. इस पर उन्होंने सेन्टर संचालक दीपक से इस बारे में पूछा तो उसने कोई संतोजनक जवाब नहीं दिया. साथ ही सेंटर संचालक ने कहा कि वे रुपए लेकर समझौता कर ले और शव ले जाए.
मृतक दो बच्चों का पिता था
गुरदीप सिंह ने सेन्टर संचालक व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा. जिस पर जंक्शन पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र संचालक दीपक सोनी और उसके साथियों पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर युवक के शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों के सुपुर्द किया और मामले की जांच शुरू की.

मोर्चरी में युवक के परिजनों से बातचीत करते पुलिस अधिकारी.
थाने में मौजूद मृतक के परिजनों ने बताया कि सुनील शादीशुदा तथा दो बच्चों का पिता था. मृतक के पिता गुरदीप सिंह ने बताया कि उनका पुत्र 35 वर्षीय सुनील चिट्टे (हेरोइन) का नशा करने का आदी था. नशा छुड़वाने के लिए उसने अपने लडक़े सुनील को करीब चार माह पहले हनुमानगढ़ जंक्शन में श्रीगंगानगर रोड स्थित न्यू लाइफ केयर सेन्टर में भर्ती करवाया था.
पहले भी विवादों में रह चुका है केंद्र
पूर्व में कई नशा मुक्ति केंद्र विवादित रह चुके हैं. केंद्रों पर संपति विवाद में जबरन बंधक बना कर रखने, मारपीट करने सहित कई आरोप लग चुके हैं. सरकार द्वारा नशा मुक्ति केंद्रों के लिए जारी दिशा निर्देशों का भी पालन अक्सर ऐसे केंद्रों में देखने को नहीं मिलता.
गत वर्ष जिला मुख्यालय के एक नशा मुक्ति केंद्र में दो युवकों की बर्बर पिटाई का मामला सामने आया था, इसके अलावा एक केंद्र की जांच में संपति विवाद में जबरन दो बुजुर्गों को बंधक बना कर रखने के भी आरोप लगे थे. दबी जुबान में स्थानीय लोग दूसरे प्रदेशों के फरार अपराधियों को केंद्र की आड़ में फरारी कटाने के भी आरोप लगाते हैं. जिले की सीमा हरियाणा पंजाब से लगती होने के चलते गत कुछ वर्षों में नशा मुक्ति के नाम पर कई दुकानें खुली हैं.
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