बीकानेर के मरुधर हेरिटेज में 'महफिल-ए-अदब' द्वारा उर्दू रामायण पाठ का आयोजन कर गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल पेश की गई. साल 1936 में मौलवी बादशाह हुसैन 'राणा' द्वारा लिखी गई इस उर्दू रामायण के जरिए समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया.दीपावली के मौके पर हर साल आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम बीकानेर की साझा संस्कृति को दर्शाता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं.