अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव में 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अंदरूनी कलह और क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जबकि 32 पार्षदों वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अनामिका शर्मा 43 वोट हासिल कर मेयर की कुर्सी पर काबिज हो गईं. इस चुनाव में कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ का बाड़ाबंदी और बहुमत का गणित तब बिगड़ गया जब रश्मि हिंगोरानी, अगर खान, सोफिया कुरैशी, कैलाश कोमल और अमाद चिश्ती जैसे 5 प्रमुख खिलाड़ियों के रुख व दबाव की राजनीति ने पासा पलट दिया। स्थानीय अदावत, राजनीतिक समझौतों और फाइलें खुलने के डर के बीच हुए इस सियासी खेल ने अजमेर निगम में सबसे बड़ी पार्टी होकर भी कांग्रेस को सत्ता से दूर कर दिया.