प्रदेश के 308 नगरीय निकायों में चुनाव संपन्न होने के साथ ही आचार संहिता हटा दी गई है, जबकि पंचायती राज चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है. खाटूश्यामजी में उपाध्यक्ष चुनाव से पहले ही आचार संहिता हटाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इसे अप्रत्यक्ष चुनाव बताते हुए नियमों के तहत फैसला बताया, जबकि विश्लेषकों का मानना है कि जल्दबाजी में यह कदम उठाया गया.